उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास 500 मीटर तक बैरिकेडिंग:जुमे की नमाज को लेकर RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात, 8 ड्रोन और 100 CCTV से निगरानी

उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास 500 मीटर तक बैरिकेडिंग:जुमे की नमाज को लेकर RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात, 8 ड्रोन और 100 CCTV से निगरानी

उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास 500 मीटर तक बैरिकेडिंग: जुमे की नमाज को लेकर RAF-STF-CRPF की 3 कंपनियां तैनात, 8 ड्रोन और 100 CCTV से निगरानी

जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग की गई है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पहले भी प्रशासन ने करीब 500 मीटर के क्षेत्र में आवाजाही प्रतिबंधित कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की थी।

RAF-STF-CRPF की कंपनियां तैनात

जुमे की नमाज के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए RAF, STF और CRPF की तीन कंपनियों को तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती पहले से की गई है।

8 ड्रोन और 100 से ज्यादा CCTV से नजर

शाही मस्जिद और आसपास के करीब 500 मीटर क्षेत्र में 8 ड्रोन और 100 से अधिक CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया और तकनीकी माध्यमों से भी गतिविधियों पर नजर रख रही है। पुलिस के मुताबिक उपद्रव से जुड़े मामलों में CCTV और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

मीनार का हिस्सा टूटकर छत पर गिरा

गुरुवार को प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान शाही मस्जिद की मीनार का एक हिस्सा टूटकर मुख्य छत पर गिर गया था। अधिकारियों के मुताबिक घटना में किसी की मौत या चोट नहीं हुई। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रमाणिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

उपद्रव के बाद पुलिस की कार्रवाई जारी

शाही मस्जिद से जुड़े विवाद के दौरान हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं और आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। पुलिस सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों पर भी नजर रख रही है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार निगरानी में है।