इंदौर नगर निगम पर सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन:नियमितिकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर खोला मोर्चा, परिसर में जमकर नारेबाजी, हंगामा

इंदौर नगर निगम पर सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन:नियमितिकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर खोला मोर्चा, परिसर में जमकर नारेबाजी, हंगामा

इंदौर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन, नियमितीकरण समेत कई मांगों को लेकर खोला मोर्चा; परिसर में नारेबाजी और हंगामा

कर्मचारी बोले- समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो काम बंद करेंगे, निगम आयुक्त से बाहर आकर बातचीत करने की मांग

नियमितीकरण सहित कई मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर निगम कार्यालय में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह करीब 11:30 बजे निगम परिसर पहुंचे और जमीन पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।

निगम आयुक्त के खिलाफ लगाए नारे

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘बाहर आकर बात करो’, ‘निगम कमिश्नर इस्तीफा दो’, ‘जातिवाद बंद करो’ और ‘निगम कमिश्नर हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए। कर्मचारी निगम आयुक्त से सामने आकर उनकी समस्याएं सुनने की मांग करते रहे।

5 अक्टूबर से काम बंद करने की चेतावनी

सफाई कर्मचारियों ने निगम आयुक्त को पत्र देकर 5 अक्टूबर 2026 से सफाई कार्य बंद करने की सूचना पहले ही दी थी। कर्मचारियों का कहना है कि कई वर्षों से वे अपनी मांगों को लेकर निगम आयुक्त और महापौर को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन समस्याओं का उचित समाधान नहीं हुआ।

नियमितीकरण और वेतनमान की मांग

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतनमान से जुड़े लाभ, अनुकंपा नियुक्ति, अवकाश नगदीकरण और समय पर वेतन स्लिप जारी करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन मांगों को लेकर प्रक्रिया चल रही है, लेकिन उन्हें अब तक अपेक्षित समाधान नहीं मिला।

24 अगस्त को मेयर ने दिए थे कार्रवाई के निर्देश

इससे पहले 24 अगस्त 2026 को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई कर्मचारियों और निगम कर्मचारियों की मांगों को लेकर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसमें 16 मई 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतन भोगी सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए शासन को पत्र भेजने की बात कही गई थी।

वेतन और अन्य मामलों के निराकरण के भी निर्देश

महापौर ने ऐसे विनियमित कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समान वेतन-भत्तों का लाभ देने के लिए नियमों में शिथिलता की अनुशंसा के साथ शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति, अवकाश नगदीकरण और सभी कर्मचारियों को हर महीने वेतन स्लिप देने के मामलों का समयसीमा में निराकरण करने को कहा गया था।