पंजाब से 2 मंत्री बनने की चर्चा, 4 नाम रेस में

पंजाब से 2 मंत्री बनने की चर्चा, 4 नाम रेस में

पंजाब से 2 मंत्री बनने की चर्चा, 4 नाम रेस में

लुधियाना। केंद्र की मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पंजाब से नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह दिए जाने की चर्चाएं चल रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा पंजाब से दो नेताओं को केंद्र में मंत्री पद देने पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

रवनीत सिंह बिट्टू के केंद्र सरकार से बाहर होने के बाद पंजाब का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्रिपरिषद में नहीं रहा है। बिट्टू ने जुलाई 2026 में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। वहीं हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

राघव चड्ढा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में

पंजाब से संभावित नए मंत्रियों के नामों में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। पंजाब केसरी की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के अंदर उनके नाम पर चर्चा होने की बात कही गई है। इसके अलावा पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और मनोनीत राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू के नाम भी संभावित दावेदारों में बताए गए हैं।

हालांकि इन नामों में से किसे मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी, इसका अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। फिलहाल इसे संभावनाओं और राजनीतिक चर्चाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है।

हरसिमरत कौर बादल की भी चर्चा

पंजाब की राजनीति में अकाली दल के साथ गठबंधन की स्थिति भी मंत्रिमंडल के संभावित समीकरणों से जोड़कर देखी जा रही है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन होता है तो हरसिमरत कौर बादल की केंद्र सरकार में दोबारा वापसी की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है।

हरसिमरत कौर बादल इससे पहले मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं। ऐसे में अकाली दल के साथ राजनीतिक समीकरण बनने पर उनका नाम भी संभावित विकल्पों में शामिल बताया जा रहा है।

चार मंत्रियों के पद खाली होने की संभावना

केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा का एक कारण कई मौजूदा मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल और उनका दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया जाना भी है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होना है और भाजपा ने हालिया सूची में दोनों को उम्मीदवार नहीं बनाया है।

इससे पहले रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन भी मंत्रिपरिषद से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में इन खाली होने वाले पदों पर नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं चल रही हैं।

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले अहम बदलाव

पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्य से किसी नए चेहरे को केंद्र में मंत्री पद मिलने की स्थिति को आगामी चुनावी समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। फिलहाल भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार या पंजाब से किसी नेता को मंत्री बनाए जाने को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

यानी फिलहाल राघव चड्ढा समेत चार नाम चर्चा में हैं, जबकि अकाली दल के साथ गठबंधन की स्थिति में हरसिमरत कौर बादल का नाम भी संभावित विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है।