गौतम गंभीर ने फिर उठाए फ्लैट पिचों पर सवाल, बोले- गेंदबाजों के करियर दांव पर; बैट और बॉल के बीच संतुलन जरूरी

गौतम गंभीर ने फिर उठाए फ्लैट पिचों पर सवाल, बोले- गेंदबाजों के करियर दांव पर; बैट और बॉल के बीच संतुलन जरूरी

गौतम गंभीर ने फिर उठाए फ्लैट पिचों पर सवाल, बोले- गेंदबाजों के करियर दांव पर; बैट और बॉल के बीच संतुलन जरूरी

वेस्टइंडीज से 6 विकेट की हार के बाद भारतीय हेड कोच की दो टूक, 249 रन बनाने के बावजूद टीम इंडिया नहीं बचा पाई लक्ष्य; मयंक यादव को तेज गेंदबाजी जारी रखने की सलाह

8 दिन में दूसरी बार पिचों पर उठाए सवाल

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक बार फिर फ्लैट पिचों पर सवाल उठाए हैं। रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी-20 इंटरनेशनल में भारत ने 249 रन बनाए, लेकिन इसके बावजूद टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 500 से ज्यादा रन बनाए। मैच के बाद गंभीर ने कहा कि क्रिकेट में बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों को भी बराबर मौके मिलने चाहिए। उन्होंने फ्लैट पिचों पर गेंदबाजों के करियर को लेकर चिंता जताई। इससे पहले 3 अक्टूबर को भी गंभीर ने बड़े स्कोर वाले मुकाबले के बाद कहा था कि क्रिकेट में सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि बल्ले और गंभीर बोले- गेंदबाज भी हमारे हैं, 

गंभीउनके करियर दांव पर हैंर ने कहा कि दर्शक चौके और छक्के देखना पसंद करते हैं, लेकिन खेल में गेंदबाजों को भी बराबर अवसर मिलने चाहिए। उनके मुताबिक, गेंदबाज भी कड़ी मेहनत करके भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम तक पहुंचते हैं और उनके करियर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि पिच ऐसी होनी चाहिए, जहां बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा बनी रहे। उनके बयान से एक बार फिर टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के पक्ष में मानी जाने वाली पिचों और गेंदबाजों के लिए मौजूद चुनौतियों पर चर्चा शुरू हो गई है।

249 रन बनाने के बाद भी भारत नहीं बचा पाया लक्ष्य

रांची में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 249 रन बनाए थे। इतने बड़े स्कोर के बावजूद वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप के नाबाद शतक और शेरफेन रदरफोर्ड की 84 रन की पारी के दम पर 18.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला 6 विकेट से जीता और पांच मैचों की टी-20 सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। गंभीर ने माना कि फ्लैट पिच और ओस की स्थिति में गेंदबाजी करना मुश्किल था, लेकिन टीम को बड़े स्कोर का बचाव करने के तरीके खोजने होंगे। उन्होंने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की भी तारीफ की।

मयंक यादव को सलाह- 150 की रफ्तार है तो तेज गेंदबाजी करो

गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव के प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मयंक तेज गेंदबाज हैं, इसलिए उन्हें अपनी ताकत पर भरोसा रखते हुए तेज गेंदबाजी करनी चाहिए। गंभीर के मुताबिक, अगर कोई गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल सकता है, तो उसे अपनी इस क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए। रांची में मयंक ने वेस्टइंडीज की पारी के पहले ओवर में लगातार दो गेंदों पर कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर को आउट किया। बाद में उन्होंने पावरप्ले में रोवमन पॉवेल का विकेट भी लिया। मयंक ने तीन ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट हासिल किए, हालांकि बाद के ओवरों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मैच अपने पक्ष में कर लिया।

श्रेयस अय्यर ने ओस को बताया गेंदबाजों के लिए चुनौती

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मैच के बाद ओस को गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पिच पर छोटी-सी गलती का भी बड़ा नुकसान हो रहा था और लेंथ में मामूली बदलाव पर बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट लगा रहे थे। श्रेयस ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। भारत की हार के बाद पिच की प्रकृति, ओस और बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। गंभीर का मानना है कि क्रिकेट में रोमांच बनाए रखने के लिए बल्ले और गेंद के बीच संतुलन जरूरी है।