पानीपत में तहसीलदार-पुलिस को कस्सी मारने की धमकी, बैंक को कब्जा दिलाने पहुंची टीम लौटी
पानीपत, हरियाणा। पानीपत की रामनगर कॉलोनी में मकान का कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासनिक टीम और पुलिस को धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मकान मालिक प्रदीप सिंह ने कार्रवाई का विरोध करते हुए मकान का गेट अंदर से बंद कर लिया और छत पर चढ़कर अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को टाइलें और कस्सी मारने की धमकी दी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीम बिना कब्जा दिलाए वापस लौट गई।
इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं तहसीलदार मनोज कुमार की शिकायत पर पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने प्रदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 224, 132 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक को मकान का कब्जा दिलाने पहुंची थी टीम
तहसीलदार मनोज कुमार की शिकायत के अनुसार, उपायुक्त के 2 अप्रैल 2026 के आदेश पर उन्हें प्रदीप सिंह और चरणजीत कौर निवासी रामनगर कॉलोनी, जाटल रोड, पानीपत की संपत्ति का कब्जा बैंक को दिलाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
13 अक्टूबर को आदित्य बिरला हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका और अदालत के आदेशों की पालना के लिए प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ संबंधित मकान पर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति का कब्जा बैंक को दिलाना था।
गेट बंद कर छत पर चढ़ने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कब्जे की कार्रवाई शुरू होने पर प्रदीप सिंह ने विरोध किया और अधिकारियों के साथ उग्र व्यवहार किया। इसके बाद उसने मकान का गेट अंदर से बंद कर लिया और छत पर चढ़ गया।
आरोप के मुताबिक, प्रदीप सिंह ने छत से टाइलें फेंकने और कस्सी से हमला करने की धमकी दी। उसने कथित तौर पर कहा कि गेट के पास आने वाले व्यक्ति को ऊपर से टाइल या कस्सी मारकर घायल कर देगा।
इस स्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए कार्रवाई आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया। आखिरकार टीम को बिना मकान का कब्जा दिलाए वापस लौटना पड़ा।
समझाने के बावजूद नहीं खोलने दिया गेट
तहसीलदार मनोज कुमार के अनुसार, प्रदीप सिंह को कई बार समझाकर गेट खोलने और सरकारी कार्रवाई में सहयोग करने के लिए कहा गया। शिकायत में आरोप है कि इसके बावजूद वह नहीं माना और लगातार धमकियां देता रहा।
तहसीलदार ने पुलिस थाना प्रभारी को आरोपी को हिरासत में लेने के लिए लिखित आदेश देने की बात भी शिकायत में बताई है। आरोप है कि इसके बाद भी कब्जे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
पहले भी दो बार कार्रवाई रुकवाने का आरोप
तहसीलदार की शिकायत के मुताबिक, संबंधित मकान का कब्जा बैंक को दिलाने के लिए पहले भी प्रयास किए जा चुके हैं। 23 जून और 24 सितंबर 2026 को पुलिस की सहायता से कार्रवाई करने की कोशिश की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन दोनों मौकों पर भी प्रदीप सिंह ने विरोध और धमकी देकर कार्रवाई रुकवा दी थी। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर होगी।
तहसीलदार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज
मामले में तहसीलदार मनोज कुमार की शिकायत के आधार पर पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने प्रदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच अधिकारी दिनेश संधू के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में धमकी देने के आरोपों, पूर्व में हुई कब्जे की कार्रवाई के प्रयासों और संबंधित संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा सकती है।
निष्कर्ष: पानीपत की रामनगर कॉलोनी में बैंक को मकान का कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासनिक टीम को कथित धमकियों के कारण बिना कार्रवाई लौटना पड़ा। तहसीलदार की शिकायत पर मामला दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच कर रही है।
news desk MPcg