रायसेन में संजो बघेल के भजनों पर झूमे श्रद्धालु:दशहरा मैदान पर शक्ति पर्व का आयोजन, गायिका ने राम, हनुमान और मां दुर्गा के भजन सुनाए

रायसेन में संजो बघेल के भजनों पर झूमे श्रद्धालु:दशहरा मैदान पर शक्ति पर्व का आयोजन, गायिका ने राम, हनुमान और मां दुर्गा के भजन सुनाए

रायसेन में संजो बघेल के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, दशहरा मैदान में सजा शक्ति पर्व

राम, हनुमान और मां दुर्गा के भजनों से भक्तिमय हुई शाम, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर किया आयोजन

दशहरा मैदान पर हुआ शक्ति पर्व का आयोजन
रायसेन के दशहरा मैदान पर बुधवार रात शक्ति पर्व कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोकगायिका संजो बघेल ने अपने भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। आयोजन के दौरान मैदान में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा और लोगों ने भक्ति संगीत का आनंद लिया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शक्ति पर्व का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष सविता जमना सेन और भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को भारतीय परंपराओं से जोड़ना रहा।

राम और हनुमान के भजनों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान संजो बघेल ने भगवान राम और हनुमान से जुड़े भजन प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। भजनों के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों और हनुमान जी की भक्ति का संदेश दिया गया। धार्मिक गीतों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भक्तिमय माहौल से जोड़े रखा।

मां दुर्गा के भजनों से गूंजा मैदान
गायिका ने मां दुर्गा की आराधना से जुड़े भजन भी सुनाए। देवी भक्ति के गीतों के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। शक्ति पर्व के आयोजन में देवी उपासना और धार्मिक संगीत प्रमुख आकर्षण रहे। कार्यक्रम में प्रस्तुत भजनों ने दशहरा मैदान को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।

धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा
शक्ति पर्व जैसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों को भी मंच प्रदान करते हैं। रायसेन में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए श्रद्धालुओं को भक्ति संगीत सुनने का अवसर मिला। संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन में धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय परंपराओं और देवी-देवताओं की आराधना को केंद्र में रखा गया।