मुरैना | चंबल में रेत माफिया पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 4 करोड़ से ज्यादा की अवैध रेत नष्ट

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चंबल की रेत पर वर्षों से चले आ रहे माफिया के खेल पर प्रशासन ने निर्णायक प्रहार किया है। मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के सख्त निर्देशों के बाद रेत माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। टास्क फोर्स की बैठक के बाद वन विभाग, पुलिस, राजस्व, परिवहन और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम मैदान में उतरी और दो दिनों में करोड़ों की अवैध रेत को नष्ट कर दिया।

प्रशासन ने चंबल राजघाट पुल क्षेत्र के पिपरई और भानपुर इलाकों में व्यापक अभियान चलाया। मंगलवार और बुधवार को करीब 20 जेसीबी मशीनों और 5 लोडरों की मदद से 16,500 से अधिक ट्रॉली अवैध रेत को मिट्टी में मिला दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में करीब 1,000 ट्रॉली और दूसरे चरण में लगभग 15,000 ट्रॉली रेत नष्ट की गई। इस रेत का बाजार मूल्य करीब 4 करोड़ 10 लाख रुपये आंका गया है।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मौके पर 150 पुलिस जवान और 50 वन रक्षक तैनात रहे, जिससे किसी तरह के विरोध या अव्यवस्था की स्थिति न बने। प्रशासन ने रेत के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए चंबल से जुड़े प्रमुख मार्गों पर जेसीबी से गहरे गड्ढे खुदवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है।

इस सख्त कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है और हाईवे पर लगने वाली रेत मंडियां भी बंद पड़ी हैं। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अभियान अगले 15 दिनों तक लगातार जारी रहेगा और चंबल में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।