Mohan Yadav Cabinet Meeting:शपथ ग्रहण के बाद एक्शन मोड में आए मुख्यमंत्री यादव, M.P में लाउडस्पीकर पर लगाया बैन, युवाओं के लिए एक्सीलेंस कॉलेज का ऐलान

Mohan Yadav Cabinet Meeting:शपथ ग्रहण के बाद एक्शन मोड में आए मुख्यमंत्री यादव, M.P में लाउडस्पीकर पर लगाया बैन, युवाओं के लिए एक्सीलेंस कॉलेज का ऐलान

Mohan Yadav Cabinet Meeting:शपथ ग्रहण के बाद  एक्शन मोड में आए मुख्यमंत्री यादव, M.P में लाउडस्पीकर पर लगाया बैन, युवाओं के लिए एक्सीलेंस कॉलेज का ऐलान

Mohan Yadav Cabinet Meeting:मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते दिन यानि की कल शपथ ग्रहण के बाद कैबिनेट की पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जिसमें सबसे बड़ा ऐलान यह है, कि मध्य प्रदेश में लाउडस्पीकर पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा, बिना लाइसेंस के खुले में मांस या अंडे की दुकानें चलाने वालों के खिलाफ एक अभियान शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने खुले में मांस की दुकानों के खिलाफ शिकंजे की योजना बनाई है, ताकि ऐसी दुकानें विधिवत और स्वास्थ्य मानकों के अनुसार चले। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश में युवाओं के लिए एक्सीलेंस कॉलेज बनाने का भी ऐलान किया है, जो प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज के रूप में जाना जाएगा। इस पहल से 52 कॉलेजों का चयन किया गया है, जो युवाओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विकसित करने का उद्देश्य रखते हैं।

मोहन यादव ने बताया, 'छात्रों को डिग्री मार्कशीट के लिए होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए हमने यह फैसला लिया है, कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए डिजी लॉकर बनाए जाएंगे।' उन्होंने यह भी जताया कि अपराधियों को बार-बार छूट मिलने की समस्या को हल करने के लिए गृह विभाग से मिलकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह सभी निर्णय राज्य में नई शुरुआत को बढ़ावा देने वाले हैं, और समाज में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। 

 साथ ही उन्होंने कहा है,कि धर्मिक स्थलों पर सीमा का उल्लंघन होने पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और वहां परमिशन की आवश्यकता होने पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, कि 4000 रुपए प्रति बोरा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए आर्थिक सहायता के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा 22 जनवरी को बड़े कार्यक्रम है। जहां राम मंदिर के मार्ग में यात्रीगण का स्वागत करने का भी दिशा-निर्देश दिया है। साथ ही, एमपी  के सभी 55 जिलों में साइबर तहसील की व्यवस्था 1 जनवरी 2024 से लागू की जाएगी।