प्रकाश राज बोले- सरकार बदलेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से:कहा- हम बांग्लादेश या नेपाल नहीं हैं, तिरंगा मार्च से पहले हिरासत पर उठाए सवाल
हेडलाइन: प्रकाश राज बोले- सरकार बदलेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से; तिरंगा मार्च से पहले हिरासत पर उठाए सवाल
अभिनेता प्रकाश राज ने केंद्र सरकार में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन संविधान, चुनाव और लोकतांत्रिक तरीकों से होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम बांग्लादेश या नेपाल नहीं हैं।”
प्रकाश राज ने 2029 के लोकसभा चुनाव तक लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रखने की बात कही।
दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होना था
प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने SIR के तहत मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।
प्रकाश राज ने कहा कि नागरिकों को संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का जिक्र करते हुए पूछा कि जब तिरंगा लेकर चलने की अपील की जाती है, तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान लोगों को क्यों रोका जा रहा है।
उन्होंने जोर दिया कि सरकार बदलने की मांग हिंसा या अराजकता के जरिए नहीं, बल्कि चुनाव और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से होनी चाहिए।
उनके इस बयान के बाद लोकतांत्रिक अधिकारों, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सत्ता परिवर्तन को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि चुनाव प्रक्रिया या संबंधित संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं, तो उनका जवाब तथ्यों और सबूतों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
प्रकाश राज के मुताबिक, सवाल उठाने वालों को रोकने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। हालांकि, SIR से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप प्रदर्शनकारियों के दावे हैं।
प्रकाश राज के बयान के बाद तिरंगा मार्च, प्रदर्शनकारियों की हिरासत और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। अभिनेता ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका जोर चुनाव, संविधान और शांतिपूर्ण विरोध के जरिए राजनीतिक बदलाव लाने पर है।
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