SC/ST आरक्षण: राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया, कहा- असमानता दूर करेगा यह निर्णय

SC/ST आरक्षण: राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया, कहा- असमानता दूर करेगा यह निर्णय

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जातियों (एससी) के भीतर सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से अधिक पिछड़ी जातियों के उन्नयन के लिए उपवर्गीकरण करने की अनुमति देने वाले फैसले को विभिन्न राजनीतिक दलों ने ऐतिहासिक करार दिया है। इस निर्णय को आरक्षित श्रेणियों के बीच असमानता को दूर करने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे आरक्षित श्रेणियों में कोटा देने के कार्यान्वयन में एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी तेदेपा ने 1996 में एससी उपवर्गीकरण पर जस्टिस रामचंद्र राजू आयोग का गठन करके इस दिशा में पहला कदम उठाया था। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के साथ न्याय होना चाहिए और सामाजिक न्याय की जीत होनी चाहिए।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता ए. सुरेश ने कहा कि इस फैसले का उपयोग अनुसूचित जातियों के उत्थान के लिए किया जाना चाहिए, न कि अवसरवादी राजनीति के लिए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी इस फैसले की सराहना की और कहा कि कोर्ट ने तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित अधिनियम के तहत अरुंथथियार समुदाय को दिए गए आंतरिक आरक्षण को बरकरार रखा है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी सरकार उपवर्गीकरण लागू करने वाला पहला राज्य होगा और अगर जरूरत पड़ी तो वर्तमान नौकरी की अधिसूचनाओं में भी उपवर्गीकरण लागू करने के लिए अध्यादेश लाएगी।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कहा कि उनकी पार्टी ने शुरू से ही उपवर्गीकरण के लिए ईमानदारी से काम किया है, जबकि अन्य राजनीतिक दल इसे वोट बैंक की राजनीति में लिप्त रखे हुए थे।

माकपा ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को सराहा और सभी सरकारों से उचित कदम उठाने का आह्वान किया। सांसद पप्पू यादव ने इस फैसले को सही करार दिया और जाति आधारित जनगणना की आवश्यकता पर बल दिया।

भाजपा सांसद बृजलाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह एससी/एसटी समुदायों के बीच आर्थिक असमानताओं को दूर करने में सहायक होगा। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने इसे संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप बताया।