ड्यूटी पर जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार को क्या मिलता है? यहाँ जाने अग्निपथ योजना का पूरा नियम

अग्निपथ योजना के तहत ड्यूटी पर अग्निवीर की जान जाने या विकलांग होने पर उनके परिवारों को विभिन्न प्रकार के लाभ और मुआवजे का प्रावधान है. यह योजना अग्निवीरों की सुरक्षा और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है. सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले इन लाभों से अग्निवीरों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिलती है.

ड्यूटी पर जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार को क्या मिलता है? यहाँ जाने अग्निपथ योजना का पूरा नियम

साल 2022 में 'अग्निपथ योजना' की शुरुआती हुई थी, जिसके तहत 4 साल के लिए सेना में जवानों की भर्ती की जाती है और उन जवानों को 'अग्निवीर' कहा जाता है.आपको बता दे महाराष्ट्र के नासिक स्थित मिलिट्री कैंप में एक बड़ा हादसा हुआ है. यहां नियमित प्रशिक्षण के दौरान कुछ सैनिक तोपखाने से फायरिंग का अभ्यास कर रहे थे, इसी बीच अचानक विस्फोट हो गया. इस हादसे में दो अग्निवीर जवान गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद पूरे कैंप में अफरा-तफरी मच गई. अधिकारी विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने इस घटना पर दुख जताया है, साथ ही उन्होंने ये भी मांग उठाई है कि दोनों जवानों को शहीद का दर्जा और उनके परिवारों को इसका लाभ दिया जाना चाहिए. ऐसे में आइए जानते हैं कि ड्यूटी पर अगर अग्नवीर की जान जाती है तो अग्निपथ योजना के तहत उनके परिवार को क्या मिलता है?

गौरतलब हो की साल 2022 में सरकार ने भारतीय सेना में जवानों की भर्ती के लिए एक नई योजना की शुरुआत की थी, जिसका नाम ‘अग्निपथ योजना’ रखा गया था. इस योजना के तहत सेना में जवानों की भर्ती 4 साल के लिए की जाती है और ऐसे जवानों को ‘अग्निवीर’ कहा जाता है. इस योजना के तहत सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती के लिए 17.5 से 21 साल की उम्र तय की गई है. इस अग्निपथ स्कीम के जरिए अब तक भारतीय थल सेना, वायु और नौसेना में हजारों सैनिकों की भर्ती की जा चुकी है.अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों यानी अग्निवीरों को नौकरी के पहले साल में हर महीने 30 हजार रुपये सैलरी मिलती है, जिसमें से इनहैंड उन्हें 21 हजार रुपये मिलते हैं और सैलरी का 30 फीसदी यानी 9 हजार रुपये सेवा निधि फंड के रूप में काट लिए जाते हैं. अग्निवीरों की सैलरी में हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है और उसमें से 30 फीसदी राशि सेवा निधि फंड के रूप में काटी जाती है.
 

ऑन ड्यूटी जान गई तो परिवार को क्या मिलेगा?
अगर किसी अग्निवीर की ऑन ड्यूटी जान चली जाती है तो उसके परिवार वालों को सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाता है. आर्मी वेबसाइट के मुताबिक, ड्यूटी पर अग्नवीर की जान जाने पर उनके परिवार को 48 लाख रुपये का बीमा कवर, 44 लाख रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि, 4 साल के कार्यकाल में बचे हुए समय की पूरी सैलरी और सेवा निधि फंड की राशि दिए जाने का प्रावधान है.

ड्यूटी के दौरान अग्निवीर विकलांग हो जाता है तो क्या मिलेगा?
अगर कोई अग्निवीर सैनिक ऑन ड्यूटी विकलांग हो जाता है तो उसे विकलांगता के आधार पर राशि दी जाती है. अगर अग्निवीर 100 फीसदी विकलांग हो जाएंगे तो उन्हें 44 लाख रुपये मिलेंगे. वहीं, अगर अग्निवीर 75 फीसदी विकलांग हो जाता है तो उसे 25 लाख और 50 फीसदी की विकलांगता पर 15 लाख की अनुग्रह राशि दी जाती है. इसके अलावा उन्हें 4 साल की पूरी सैलरी, सेवा निधि फंड में जमा राशि और साथ ही सरकार की ओर से भी योगदान मिलता है