Maha Kumbh 2025 में अनोखा संगम, 52 साल पुरानी एंबेसडर कार बनी आकर्षण का केंद्र, जानें टार्जन बाबा की कहानी

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 में इस बार एक अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। साधु-संतों और महात्माओं को अक्सर कुटिया या आश्रम में रहते हुए देखा जाता है, लेकिन 'टार्जन बाबा' ने अपनी 52 साल पुरानी एंबेसडर कार को ही अपना आश्रम बना लिया है। बाबा ने इस कार को अपनी मां का दर्जा दिया है। यह कार उनके लिए केवल यात्रा का साधन नहीं है, बल्कि जीवन की आध्यात्मिक शांति और संतुष्टि का प्रतीक बन चुकी है। संगम की पावन धरती पर बाबा की यह अनोखी जीवनशैली महाकुंभ में लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। एंबेसडर कार का मॉडल 1972 का बताया जा रहा है, और बाबा इसे अपने साथ लेकर संगम नगरी पहुंच चुके हैं।