Jammu-Kashmir:पुंछ में दुर्घटनावश बारूदी सुरंग विस्फोट में जवान घायल
पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास गश्त के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट में एक जवान घायल। घायल अग्निवीर को सैन्य अस्पताल में स्थिर हालत में भर्ती कराया गया। सेना ने घटना की जांच के लिए समिति गठित की, घुसपैठ की संभावना से इनकार।
14 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भारतीय सेना का एक जवान बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया। यह घटना सोमवार सुबह मेंढर सब-डिवीजन के नंगी-टकेरी क्षेत्र में हुई, जो कृष्णा घाटी सेक्टर के अंतर्गत आता है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब सेना की एक टुकड़ी नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान एक जवान, जो अग्निवीर योजना के तहत सेना में शामिल हुआ था, अनजाने में बारूदी सुरंग पर पैर रख बैठा, जिसके परिणामस्वरूप विस्फोट हो गया। घायल जवान को तुरंत नजदीकी सैन्य अस्पताल में ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह की बारूदी सुरंगें एलओसी के पास घुसपैठ को रोकने के लिए लगाई जाती हैं, जो एक सामान्य सुरक्षा उपाय है। हालांकि, कभी-कभी प्राकृतिक कारणों जैसे बारिश या भूस्खलन के कारण ये सुरंगें अपनी जगह से हट जाती हैं, जिससे ऐसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
घटना की जांच के लिए सेना ने एक आंतरिक समिति गठित की है, जो यह पता लगाएगी कि विस्फोट के पीछे का कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी भी तरह की घुसपैठ या सीमा पार से हमले की कोई भूमिका नहीं थी।
स्थानीय लोगों ने इस घटना पर दुख जताया और घायल जवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पुंछ और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग सेना के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी उनकी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।
यह घटना हाल के महीनों में पुंछ में बारूदी सुरंग से संबंधित दूसरी घटना है। इससे पहले फरवरी 2025 में भी एक सैनिक ऐसी ही एक दुर्घटना में घायल हुआ था। इन घटनाओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
सेना ने अपने जवानों की सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीकों और प्रशिक्षण पर जोर देने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है, और सेना अपनी गश्त और निगरानी को और मजबूत कर रही है।
news desk MPcg