रुपये ने दिखाया कमाल: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर

1 / 1

1.

नई दिल्ली।
शुक्रवार को डॉलर की संभावित निकासी और कारोबारियों द्वारा लॉन्ग पोजीशन घटाने के चलते भारतीय रुपया हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में भारतीय मुद्रा ने शानदार मजबूती दिखाई। इस सप्ताह रुपये ने तीन साल की सबसे तेज साप्ताहिक बढ़त दर्ज की है। डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 0.3% की गिरावट के साथ 90.6550 पर बंद हुआ, जबकि सप्ताहभर में इसमें 1.4% की तेजी रही, जो जनवरी 2023 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मजबूती भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद देखने को मिली। रुपये में आई तेजी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सकारात्मक आर्थिक दृष्टिकोण और वैश्विक व्यापार दबावों में कमी को देखते हुए रेपो दर को अपरिवर्तित रखा है। आरबीआई का मानना है कि मौद्रिक नीति की आगे की दिशा व्यापक आर्थिक परिस्थितियों और नए आंकड़ों के आधार पर तय की जाएगी।

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि रेपो दर स्थिर रखने का फैसला बैंकों और कर्ज लेने वालों के लिए राहत भरा है और इससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। मंगलवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद रुपये में तेज उछाल देखा गया था, हालांकि शुक्रवार को इसमें थोड़ी नरमी आई।

विदेशी निवेशकों ने फरवरी में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर के स्थानीय शेयर खरीदे हैं, जबकि पिछले महीने 4 अरब डॉलर की नेट बिकवाली की गई थी। वहीं शेयर बाजार शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद हुआ। निफ्टी 50 अंक चढ़कर 25,693, सेंसेक्स 266 अंक बढ़कर 83,580 और निफ्टी बैंक 56 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।