आजमगढ़ में 7 लाख की साइबर ठगी का पर्दाफाश, बिहार का आरोपी गिरफ्तार, फर्जी खातों से रकम निकालने का खुलासा
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 7 लाख रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के एक सक्रिय सदस्य जितेंद्र प्रसाद यादव को बिहार से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड के जरिए ठगी की गई रकम को निकालकर उसे नकदी में बदलने का काम करता था। यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ बताया जा रहा है।
कैसे हुआ खुलासा
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर निवासी डॉ. शफी उज्जमां के बैंक खातों से कुल 6.98 लाख रुपये संदिग्ध तरीके से निकाल लिए गए। इसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से 5.98 लाख रुपये और केनरा बैंक खाते से 99,870 रुपये की रकम शामिल थी।
पीड़ित को इस लेन-देन की जानकारी 17 जनवरी 2026 को हुई, जिसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
आरोपी की भूमिका
गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र प्रसाद यादव, निवासी पूर्वी चंपारण (बिहार), इस साइबर गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराकर उसे एटीएम और अन्य माध्यमों से निकालकर कैश में बदलता था।
उसके पास से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, नकदी और एक कार भी बरामद की गई है।
साइबर गिरोह की जांच जारी
पुलिस को शक है कि यह एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह है, जो कई राज्यों में सक्रिय होकर ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
news desk MPcg