इंपोर्ट ड्यूटी का बड़ा असर: सोना ₹9231 और चांदी ₹16675 तक हुई महंगी
मुंबई
सोना और चांदी खरीदने वालों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है, जिसके बाद देशभर में गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला। इस फैसले का असर इतना तेज रहा कि कुछ ही घंटों में सोना ₹9,231 और चांदी ₹16,675 तक महंगी हो गई।
सरकार के फैसले के बाद MCX पर सोना 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए 2,99,283 रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया। चेन्नई में चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई, जबकि दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में भी कीमतें 2.90 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गईं।
क्यों बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी?
सरकार का कहना है कि यह कदम देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और बढ़ते चालू खाता घाटे (CAD) को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना और चांदी विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान डॉलर में किया जाता है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और महंगे कच्चे तेल के कारण भारत पर डॉलर का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में सरकार गैर-जरूरी आयातों को कम करके विदेशी मुद्रा की निकासी रोकना चाहती है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा गोल्ड इंपोर्ट
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट 24% बढ़कर 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसके चलते देश का व्यापार घाटा बढ़कर 333.2 अरब डॉलर हो गया, जबकि चालू खाता घाटा GDP के 1.3% तक पहुंच चुका है।
बाजार में मचा हड़कंप
ड्यूटी बढ़ने के तुरंत बाद बाजार में भारी उछाल देखने को मिला। चांदी के जुलाई कॉन्ट्रैक्ट में 7.25% की तेजी दर्ज की गई और यह अपर सर्किट तक पहुंच गई। निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों में भी हलचल तेज हो गई है।
स्मगलिंग बढ़ने का डर
सरकार के इस फैसले को लेकर कुछ अधिकारियों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि कस्टम ड्यूटी बढ़ने से सोना-चांदी की तस्करी फिर बढ़ सकती है। गौरतलब है कि साल 2024 के बजट में सरकार ने ड्यूटी घटाकर 6% कर दी थी, जिससे स्मगलिंग के मामलों में कमी आई थी।
अब ताजा फैसले के बाद ड्यूटी फिर उसी पुराने 15% स्तर पर पहुंच गई है, जिससे बाजार में कीमतों का दबाव और बढ़ सकता है।
news desk MPcg