विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेजी, ड्रोन सर्वे शुरू; बिहार समेत 4 राज्यों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर काम तेज हो गया है। प्रयागराज से सोनभद्र तक बनने वाले लगभग 330 किलोमीटर लंबे इस सिक्सलेन एक्सप्रेसवे के लिए आधुनिक ड्रोन और सैटेलाइट आधारित एरियल सर्वे शुरू कर दिया गया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए सलाहकार कंपनियों के साथ अनुबंध भी पूरे हो चुके हैं।
यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज की सोरांव तहसील के जूड़ापुर दांदू गांव से शुरू होगा। इसके बाद यह मीरजापुर, वाराणसी और चंदौली से होते हुए सोनभद्र की छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित परसा टोला तक जाएगा। खास बात यह है कि इसकी शुरुआत उसी क्षेत्र से होगी जहां से गंगा एक्सप्रेसवे गुजरता है।
आधुनिक तकनीक से होगा सटीक सर्वे
ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक की मदद से रूट का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है। इससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और परियोजना की लागत, डिजाइन तथा भूमि की स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकेगा। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों और पर्यावरणीय प्रभावों का भी अध्ययन किया जाएगा, जिससे एक्सप्रेसवे का निर्माण अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से हो सके।
चार राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा
विंध्य एक्सप्रेसवे बनने के बाद उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक सड़क संपर्क और मजबूत होगा। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और माल परिवहन को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास का नया कॉरिडोर साबित हो सकता है। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण यात्रा का समय कम होगा और लोगों को तेज व सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था मिल सकेगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इस परियोजना से आसपास के जिलों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक हब, होटल और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे विंध्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है।
प्रदेश सरकार लगातार एक्सप्रेसवे नेटवर्क को विस्तार दे रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद विंध्य एक्सप्रेसवे को राज्य के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल माना जा रहा है।
आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के बीच आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगा।
news desk MPcg