खगड़िया में फर्जी IAS गिरफ्तार, खुद को बताता था NSA अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट; घर से महंगी गाड़ियां बरामद
सरकारी रौब दिखाने के लिए लगाई थी ‘Government of India’ की प्लेट, पुलिस ने करीब साढ़े 7 घंटे तक घर की तलाशी ली
खगड़िया। बिहार के खगड़िया में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर खुद को IAS अधिकारी बताता था और लोगों के बीच अपना रौब जमाने के लिए खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट भी बताता था। आरोपी की पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद उस पर निगरानी रखी जा रही थी। इसके बाद जिला जांच इकाई यानी DIU और गोगरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने उसके जमालपुर बाजार स्थित घर पर छापेमारी की। पुलिस टीम ने करीब साढ़े सात घंटे तक परिसर और घर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी ली।
कभी IAS, तो कभी डोभाल का एजेंट बताता था खुद को
पुलिस के अनुसार, मनीष गुप्ता अलग-अलग लोगों के सामने अपनी पहचान बदलकर पेश करता था। वह कभी खुद को IAS अधिकारी बताता था, तो कभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट होने का दावा करता था।
उसकी इस कथित पहचान का इस्तेमाल लोगों पर प्रभाव बनाने और सरकारी अधिकारी जैसा रौब दिखाने के लिए किया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने किन लोगों को इस पहचान के जरिए प्रभावित किया और क्या किसी तरह की ठगी या धोखाधड़ी भी की गई।
गाड़ियों पर लिखा था ‘Government of India’
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के परिसर से दो महंगी चार पहिया गाड़ियां जब्त कीं। रिपोर्टों के मुताबिक, इन वाहनों पर ‘Government of India’ लिखा हुआ था। पुलिस अब वाहनों के कागजात और उन पर लगाए गए सरकारी चिह्नों की वैधता की जांच कर रही है।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, जब्त वाहनों की कीमत करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने कई ATM कार्ड और लैपटॉप समेत अन्य सामान भी बरामद किया है।
घर से विदेशी शराब भी मिली
पुलिस की तलाशी के दौरान करीब 31 लीटर विदेशी शराब भी बरामद होने की बात सामने आई है। इसमें एक ऐसी बोतल भी शामिल बताई गई है, जिसकी कीमत एक लाख रुपये से ज्यादा होने का दावा किया गया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ बिहार के शराबबंदी कानून के तहत अलग से केस दर्ज किया गया है।
100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का भी दावा
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा आरोपी की कथित संपत्ति को लेकर है। पुलिस की शुरुआती जांच में उससे जुड़ी 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का दावा सामने आया है। हालांकि, यह आंकड़ा अभी जांच का हिस्सा है और संपत्ति का वास्तविक मूल्य, उसके स्रोत और मालिकाना हक की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस अब आरोपी की संपत्तियों, बैंक खातों, वाहनों और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतनी बड़ी संपत्ति उसके पास कैसे आई।
Tesla और CCTV को लेकर भी चर्चा
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर Tesla कार और घर के आसपास बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगे होने जैसे दावे भी वायरल हो रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए इन्हें फिलहाल वायरल दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
पुलिस ने कहा- जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा है कि पुलिस टीम ने जमालपुर स्थित एक घर में छापेमारी की है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने संकेत दिया कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसने फर्जी IAS अधिकारी की पहचान कब से बना रखी थी, किन लोगों के संपर्क में था और कथित तौर पर NSA अजीत डोभाल से संबंध होने का दावा क्यों करता था।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपी की कथित संपत्ति, सरकारी पहचान के इस्तेमाल और उसके संपर्कों को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
news desk MPcg