बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा, 527 लोगों का रेस्क्यू; CM मोहन यादव बोले- संकट में सरकार जनता के साथ
भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के बीच कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अलग-अलग टीमें लगातार काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने का काम जारी है और अब तक 527 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में पूरी तरह जनता के साथ खड़ी है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन
भारी बारिश के कारण कई जगहों पर नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन रही है। ऐसे स्थानों पर प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन के साथ पुलिस, होमगार्ड और अन्य बचाव दलों की मदद ली जा रही है। जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां परिस्थितियों के अनुसार बचाव संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब तक 527 लोगों को सुरक्षित निकालना इस अभियान की बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, बारिश और जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
CM मोहन यादव ने दिए निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों से बाढ़ और बारिश की स्थिति की लगातार जानकारी लेने को कहा है। खासकर उन इलाकों पर नजर रखने के निर्देश हैं, जहां लगातार बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में राहत-बचाव कार्य में तेजी लाई जाएगी।
निचले इलाकों में विशेष सावधानी
बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरा नदी, नाले और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को रहता है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों और नालों को पार करने की कोशिश न करें और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें।
प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाए और राहत व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
बारिश और बाढ़ की स्थिति पर सरकार की नजर
मध्यप्रदेश में मानसून के दौरान कई जिलों में तेज बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड पर रखा जाता है।
सरकार की कोशिश है कि किसी भी इलाके में स्थिति बिगड़ने से पहले वहां राहत-बचाव व्यवस्था उपलब्ध रहे। प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को स्थिति के अनुसार फैसले लेने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
सरकार और प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें। यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरोसा दिलाया है कि बाढ़ और बारिश से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन की नजर प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ जलस्तर पर भी बनी हुई है। सरकार का फोकस साफ है—बाढ़ में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना और जरूरतमंद परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाना।
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