MP News: 20 साल पुराना अनाज पंचायत भवन में पड़ा रहा, लापरवाही की हदें पार; जांच शुरू
बुरहानपुर की बड़गांव माफी पंचायत के पुराने भवन में 20 साल से अनाज सड़ रहा था, जिसका वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने जांच शुरू की, अनाज की गुणवत्ता और उत्पत्ति का पता लगाया जा रहा है। यह मामला सरकारी लापरवाही का गंभीर उदाहरण बन गया है।
बुरहानपुर, मध्य प्रदेश: जिले की बड़गांव माफी ग्राम पंचायत में सरकारी लापरवाही की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पुराने पंचायत भवन में करीब 20 साल से गेहूं और चावल की बोरियां धूल खा रही थीं, जिसकी जानकारी न तो पंचायत को थी और न ही प्रशासन को। हाल ही में एक वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ, जिसने स्थानीय प्रशासन को सकते में डाल दिया।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पंचायत के पुराने भवन का एक कमरा अनाज की बोरियों से भरा पड़ा है। बोरियां फट चुकी हैं, अनाज जमीन पर बिखरा हुआ है और कमरे में मकड़ी के जाले चारों ओर फैले हैं। अनाज की हालत देखकर साफ है कि यह पूरी तरह खराब हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नया पंचायत भवन बनने के बाद इस पुराने भवन का इस्तेमाल बंद हो गया था। इसके बावजूद, किसी ने भी यहां रखे अनाज को हटाने या उसकी सुध लेने की जहमत नहीं उठाई।
वायरल वीडियो ने खोली पोल
स्थानीय लोगों में से किसी ने इस दृश्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में दावा किया गया कि अनाज 20 साल से अधिक समय से कमरे में पड़ा है। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम पल्लवी पौराणिक ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
जांच के लिए टीमें गठित
एसडीएम ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। पंचायत और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया है, जो अनाज की गुणवत्ता और उसकी उम्र का आकलन कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह अनाज किस योजना या मद के तहत पंचायत तक पहुंचा था और इतने लंबे समय तक इसकी अनदेखी कैसे हुई। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद कमरे को खाली कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोग हैरान
बड़गांव माफी के निवासियों का कहना है कि पुराने भवन की ओर किसी का ध्यान ही नहीं गया। एक ग्रामीण ने बताया, "नया भवन बनने के बाद पुराना भवन बंद पड़ा था। हमें क्या पता कि वहां इतना अनाज सड़ रहा है। यह तो सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही है।" ग्रामीणों ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं और कार्रवाई की मांग की है।
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