यूपी में एंटी भू-माफिया अभियान तेज, 84 हजार हेक्टेयर से ज्यादा सरकारी जमीन कब्जामुक्त; 4.34 लाख शिकायतों में 99% से अधिक का निस्तारण

यूपी में एंटी भू-माफिया अभियान तेज, 84 हजार हेक्टेयर से ज्यादा सरकारी जमीन कब्जामुक्त; 4.34 लाख शिकायतों में 99% से अधिक का निस्तारण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भू-माफिया अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, अभियान के तहत अब तक 84 हजार हेक्टेयर से ज्यादा सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है। बड़ी मात्रा में जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ ही अवैध कब्जेदारों और भू-माफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है।

सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, एंटी भू-माफिया पोर्टल पर अब तक 4 लाख 34 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 99 फीसदी से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित जमीन और कब्जे की जांच की जाती है। जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

84 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन कराई गई कब्जामुक्त

एंटी भू-माफिया अभियान के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को चिह्नित किया गया। इनमें सरकारी, सार्वजनिक और अन्य श्रेणी की जमीनों पर किए गए कब्जे शामिल हैं।

प्रशासनिक टीमों द्वारा जांच के बाद कई मामलों में मौके पर कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। सरकार के अनुसार, अब तक 84 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।

यह अभियान केवल जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं है। कब्जे की शिकायतों की जांच, जमीन का रिकॉर्ड सत्यापन और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी इसकी प्रक्रिया का हिस्सा है।

4.34 लाख से ज्यादा शिकायतें, 99 फीसदी से अधिक का निस्तारण

सरकार के एंटी भू-माफिया पोर्टल को शिकायतों की निगरानी का प्रमुख माध्यम बनाया गया है। पोर्टल पर आम लोगों की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और भू-माफिया से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जाती हैं।

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पोर्टल पर 4 लाख 34 हजार से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 99 प्रतिशत से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित जिला और तहसील स्तर के अधिकारियों को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह भी है कि जमीन से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति की जानकारी मिल सके और शिकायतें लंबे समय तक लंबित न रहें।

भू-माफियाओं पर एफआईआर और मुकदमे

जहां जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि हुई, वहां प्रशासन ने केवल कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं की, बल्कि गंभीर मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर और मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के तहत ऐसे मामलों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनमें जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया है या उसे किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।

राज्य से तहसील स्तर तक टास्क फोर्स

एंटी भू-माफिया अभियान की निगरानी के लिए राज्य से लेकर तहसील स्तर तक टास्क फोर्स गठित की गई है। इन टीमों के जरिए शिकायतों की जांच और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी की जाती है।

जिला स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी भी कार्रवाई में शामिल होते हैं। जरूरत के अनुसार पुलिस की मदद लेकर जमीन को कब्जामुक्त कराया जाता है।

इस पूरी व्यवस्था का मकसद सरकारी जमीन की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध कब्जे की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करना है।

कब्जामुक्त जमीन का विकास में हो सकेगा इस्तेमाल

सरकार के मुताबिक, अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन को अब विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और निवेश से जुड़ी परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

कब्जामुक्त जमीन का इस्तेमाल स्कूल, अस्पताल, सड़क, सरकारी भवन, अन्य सार्वजनिक सुविधाओं और जरूरत के मुताबिक विकास परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है। इससे ऐसी सरकारी जमीन, जो लंबे समय तक अवैध कब्जे में रही, उसे दोबारा सार्वजनिक उपयोग में लाने का रास्ता खुलता है।

दोबारा कब्जा रोकना भी बड़ी चुनौती

सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के बाद उसे दोबारा अवैध कब्जे से बचाना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लिए जमीन के रिकॉर्ड की निगरानी और मौके पर स्थिति की जांच पर जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन का प्रयास है कि कब्जामुक्त कराई गई जमीन का रिकॉर्ड अपडेट रहे और भविष्य में वहां दोबारा अवैध कब्जा न हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अभियान आगे भी जारी रहने का दावा

योगी सरकार के अनुसार, एंटी भू-माफिया अभियान के तहत अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सरकार का दावा है कि अभियान से सरकारी जमीन को सुरक्षित करने, अवैध कब्जों पर रोक लगाने और सार्वजनिक संपत्तियों को विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

84 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन का कब्जामुक्त होना और 4.34 लाख से अधिक शिकायतों में 99 फीसदी से ज्यादा का निस्तारण सरकार के अभियान के बड़े आंकड़ों में शामिल है। अब प्रशासन के सामने कब्जामुक्त जमीन को सुरक्षित रखने और लंबित शिकायतों पर कार्रवाई जारी रखने की चुनौती है।