RDVV में छात्रों और कर्मचारियों के बीच मारपीट, वीडियो सामने आया: कुलगुरु के सामने छात्रों को पीटने का आरोप

RDVV में छात्रों और कर्मचारियों के बीच मारपीट, वीडियो सामने आया: कुलगुरु के सामने छात्रों को पीटने का आरोप

डिग्री वितरण और लंबित परीक्षाओं को लेकर कुलगुरु से मिले थे छात्र; कर्मचारी संघ के धरने को समर्थन देने के बाद बिगड़ा माहौल

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में बुधवार को छात्रों और कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय परिसर में कर्मचारी संघ के धरने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हाथापाई तक पहुंच गया। छात्रों ने आरोप लगाया है कि कुलगुरु की मौजूदगी के दौरान कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

डिग्री और लंबित परीक्षाओं को लेकर कुलगुरु से मिले छात्र
जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश छात्र संघ के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय अपने साथी छात्रों अंकुर जैन और नमन शर्मा के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे थे। छात्रों ने कुलगुरु डॉ. राजेश शर्मा से मुलाकात कर डिग्री वितरण में हो रही देरी और लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने की मांग रखी।
कुलगुरु से मुलाकात के दौरान माहौल सामान्य बताया जा रहा था। छात्रों ने विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा और इनके जल्द समाधान की मांग की।

कर्मचारी संघ के धरने को छात्रों ने दिया समर्थन
कुलगुरु से मुलाकात के बाद छात्र प्रशासनिक भवन के पास पहुंचे। यहां कर्मचारी संघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहा था। कर्मचारियों की ओर से छात्रों से समर्थन मांगा गया, जिसके बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कर्मचारी संघ के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।
यहीं से विवाद की स्थिति बनने लगी। रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों और छात्रों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद और मारपीट में बदल गई।

गाली-गलौज के बाद हाथापाई का आरोप
छात्रों का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ कर्मचारियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने विवाद को शांत कराने का प्रयास भी किया।
मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। वीडियो में विश्वविद्यालय परिसर में लोगों के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। हालांकि वीडियो के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों और मारपीट की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई, यह स्वतंत्र रूप से तय नहीं किया जा सकता।

कुलगुरु की भूमिका पर भी उठे सवाल
घटना के बाद छात्रों की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि यह घटनाक्रम कुलगुरु के सामने हुआ। वहीं सामने आई रिपोर्ट में छात्रों ने आरोप लगाया है कि कुछ कर्मचारियों को कुलगुरु के निर्देश पर धरना स्थल तक भेजा गया था।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से क्या पक्ष सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

कर्मचारियों की मांगों को लेकर पहले से चल रहा था आंदोलन
RDVV में कर्मचारी संघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहा था। कर्मचारियों की मांगों के चलते विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान छात्र प्रतिनिधियों का वहां पहुंचना और कर्मचारी संघ को समर्थन देना घटनाक्रम का अहम मोड़ बना।
मामला बढ़ने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने दोनों पक्षों के बीच विवाद को शांत कराने और परिसर में सामान्य स्थिति बहाल रखने की चुनौती है।

वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई की मांग
मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद छात्रों की ओर से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के साथ इस तरह की घटना स्वीकार नहीं की जा सकती।
दूसरी ओर, पूरे मामले में यह भी जरूरी है कि वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल मामला छात्रों और कर्मचारियों के बीच विवाद से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। मारपीट के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों की शिकायतों को जांच में शामिल किया जा सकता है।
RDVV में पहले से कर्मचारी मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा था और अब छात्रों के साथ विवाद सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर स्थिति को जल्द नियंत्रित करने का दबाव बढ़ गया है।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के आरोपों की जांच होना बाकी है। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हुई मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।