जब CM मोहन यादव के हाथ पर लिपट गया था जहरीला कोबरा, खुद सुनाया खौफनाक किस्सा; बोले- तब पता चला कि सांप कितना खतरनाक था

जब CM मोहन यादव के हाथ पर लिपट गया था जहरीला कोबरा, खुद सुनाया खौफनाक किस्सा; बोले- तब पता चला कि सांप कितना खतरनाक था

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में बन रहे स्नेक पार्क के निरीक्षण के दौरान अपने जीवन से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। मुख्यमंत्री ने अपने कॉलेज के दिनों का एक किस्सा सुनाते हुए बताया कि एक बार जादू दिखाने के दौरान उनके हाथ पर एक जहरीला कोबरा लिपट गया था। उस समय उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस सांप के साथ वह प्रदर्शन कर रहे हैं, वह कितना खतरनाक हो सकता है।

मुख्यमंत्री का यह अनुभव सांपों के प्रति जागरूकता और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व को भी सामने लाता है।

कॉलेज के दिनों में सीखते थे जादू की कलाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जब वह साइंस कॉलेज में पढ़ाई करते थे, तब उन्हें जादू की कुछ ट्रिक्स सीखने का शौक था। कॉलेज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों में वह इन जादुई कलाओं का प्रदर्शन भी किया करते थे।

उन्होंने बताया कि उस समय गणेश उत्सव के दौरान एक कार्यक्रम में उन्हें अपनी प्रस्तुति देनी थी। इसी दौरान उन्होंने सांप के साथ एक जादू की ट्रिक दिखाने की योजना बनाई।

उन्होंने एक सांप को थैली में रखा और कार्यक्रम में लोगों के सामने उसके साथ जादू का प्रदर्शन किया। उस समय यह उनके लिए एक रोमांचक अनुभव था और उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह घटना आगे चलकर उनके जीवन की सबसे यादगार घटनाओं में शामिल हो जाएगी।

दोस्तों ने सांप देखने की इच्छा जताई

मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद रात में उनके दोस्तों ने उनसे कहा कि वे उस सांप को देखना चाहते हैं, जिसके साथ उन्होंने जादू दिखाया था।

इसके बाद उन्होंने सांप को थैली से बाहर निकाला और जमीन पर रखा। जैसे ही सांप बाहर आया, वह तेजी से चलने लगा। अचानक सांप को सक्रिय होते देखकर वहां मौजूद दोस्त घबरा गए और पीछे हट गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दोस्तों के डरने के बाद उन्होंने खुद सांप को संभालने की कोशिश की।

सांप हाथ पर लिपटा, दूसरे हाथ पर करने लगा हमला

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि उन्होंने सांप को पकड़ लिया, लेकिन इसी दौरान सांप उनके हाथ पर लिपट गया। उसने दूसरे हाथ की ओर बढ़कर काटने की कोशिश भी की।

उन्होंने कहा कि उस समय स्थिति काफी गंभीर थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और सांप को मजबूती से पकड़े रखा। काफी प्रयास के बाद उन्होंने उसे नियंत्रित किया और एक बोरे में बंद कर दिया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, उस समय उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि वह कितने बड़े खतरे का सामना कर रहे थे।

वापस करने पहुंचे तो खुला बड़ा राज

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह उस सांप को वापस उसी स्थान पर छोड़ने पहुंचे, जहां से वह उसे लेकर आए थे, तब उन्हें पता चला कि वह कोई सामान्य सांप नहीं बल्कि जहरीला कोबरा था।

उन्होंने बताया कि यह जानकर उन्हें भी आश्चर्य हुआ कि जिस सांप को वह हाथों में पकड़ रहे थे, वह इतना खतरनाक हो सकता था।

सबसे बड़ी चिंता वाली बात यह थी कि कोबरा के जहरीले दांत भी सुरक्षित थे। यानी अगर वह सांप उस समय काट लेता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

कोबरा कितना खतरनाक होता है?

कोबरा भारत में पाए जाने वाले सबसे प्रसिद्ध और जहरीले सांपों में शामिल है। भारतीय कोबरा को वैज्ञानिक रूप से Naja naja के नाम से जाना जाता है। यह भारत के कई हिस्सों में पाया जाता है और खतरा महसूस होने पर फन फैलाकर अपनी पहचान बनाता है।

कोबरा के जहर में न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है, जो शरीर के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके काटने पर समय पर इलाज नहीं मिलने की स्थिति में गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों को पकड़ना या उनके साथ प्रयोग करना बिना प्रशिक्षण के बेहद खतरनाक हो सकता है।

उज्जैन में बन रहा है स्नेक पार्क

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह किस्सा उज्जैन में निर्माणाधीन स्नेक पार्क के निरीक्षण के दौरान सुनाया। इस परियोजना का उद्देश्य सांपों और अन्य सरीसृपों के संरक्षण के साथ-साथ लोगों में इनके प्रति वैज्ञानिक जानकारी और जागरूकता बढ़ाना है।

स्नेक पार्क में लोगों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों के बारे में जानकारी देने, उनके व्यवहार को समझाने और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने की योजना है।

सांपों को लेकर जागरूकता जरूरी

भारत में हर साल बड़ी संख्या में लोग सांपों के काटने का शिकार होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग डर या गलत जानकारी के कारण सांपों को नुकसान पहुंचाते हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञ लगातार लोगों से अपील करते हैं कि सांप दिखने पर उसे मारने के बजाय वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दी जाए।

मुख्यमंत्री द्वारा सुनाया गया यह अनुभव भी यही संदेश देता है कि वन्यजीवों के साथ सावधानी और सही जानकारी बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री का अनुभव बना चर्चा का विषय

मुख्यमंत्री का यह पुराना किस्सा सामने आने के बाद लोगों में काफी चर्चा शुरू हो गई। जहां कई लोगों ने उनके साहस की बात कही, वहीं विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि जहरीले सांपों के साथ किसी भी तरह का जोखिम लेना जानलेवा हो सकता है।

उज्जैन में स्नेक पार्क के निरीक्षण के दौरान सुनाया गया यह अनुभव अब मुख्यमंत्री के जीवन से जुड़े उन किस्सों में शामिल हो गया है, जिन्हें लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।