जरूरत की खबर: नोटों और सिक्कों पर हो सकते हैं जर्म्स, लेकिन हर नोट से बीमारी का खतरा नहीं; थूक लगाकर गिनने से बचें, लेन-देन के बाद हाथ धोना बेहतर
नकद पैसे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। बाजार, किराना दुकान, होटल, मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप और बैंक—हर जगह नोट और सिक्के कई लोगों के हाथों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में इनकी सतह पर बैक्टीरिया, वायरस और फंगस जैसे सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर नोट या सिक्के को छूने से बीमारी हो जाएगी।
2023 में Journal of Medical Virology में प्रकाशित एक नैरेटिव रिव्यू में बैंकनोट और सिक्कों पर रोगजनक सूक्ष्मजीवों की मौजूदगी और उनके संभावित संक्रमण-जोखिम की समीक्षा की गई। अध्ययन में यह जरूर बताया गया कि करेंसी बार-बार अलग-अलग लोगों के संपर्क में आती है, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बैंकनोट और सिक्के आम लोगों के लिए विशेष या बड़ा संक्रमण जोखिम साबित नहीं हुए हैं।
यानी सावधानी जरूरी है, लेकिन नोटों को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात है—नोट छूने के बाद हाथों को चेहरे, आंख, नाक और मुंह तक ले जाने से बचना और जरूरत के मुताबिक हाथ साफ करना।
नोटों पर जर्म्स कैसे पहुंचते हैं?
एक नोट दिनभर में कई लोगों के हाथों से गुजर सकता है। किसी व्यक्ति के हाथों पर मौजूद सूक्ष्मजीव नोट की सतह पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा नोट जेब, पर्स, काउंटर, बैग और दूसरी सतहों के संपर्क में भी आता है।
इन कारणों से करेंसी पर अलग-अलग तरह के सूक्ष्मजीव पाए जा सकते हैं। हालांकि किसी नोट पर जर्म्स की मौजूदगी और उससे व्यक्ति के बीमार होने के बीच सीधा संबंध मान लेना सही नहीं है।
रिव्यू में बैंकनोट और सिक्कों पर बैक्टीरियल, वायरल और फंगल रोगजनकों के पाए जाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई है, लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य के स्तर पर करेंसी को कोई खास संक्रमण-वेक्टर मानने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।
सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले नोटों पर क्या स्थिति रहती है?
जो नोट लंबे समय से चलन में हैं और लगातार लेन-देन में इस्तेमाल होते हैं, वे स्वाभाविक रूप से ज्यादा गंदे और घिसे हुए हो सकते हैं। इन पर धूल, तेल, पसीना और दूसरी गंदगी दिखाई दे सकती है।
लेकिन गंदा दिखने वाला नोट जरूरी नहीं कि बीमारी फैलाने वाला नोट हो। इसी तरह साफ दिखने वाला नोट पूरी तरह जर्म्स-फ्री भी हो, यह जरूरी नहीं।
इसलिए नोट के रंग या हालत को देखकर संक्रमण का जोखिम तय नहीं किया जा सकता।
थूक लगाकर नोट गिनना क्यों गलत आदत है?
कई लोग नोटों की गड्डी गिनते समय उंगली पर थूक लगाते हैं। यह आदत छोड़नी चाहिए।
थूक लगाने से मुंह के सूक्ष्मजीव नोट की सतह पर पहुंच सकते हैं। दूसरी ओर, नोट की सतह पर मौजूद गंदगी और सूक्ष्मजीव भी उंगलियों तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद अगर वही हाथ मुंह, नाक या आंखों को छूता है तो सूक्ष्मजीव शरीर के संपर्क में आ सकते हैं।
इसलिए नोट गिनते समय उंगली पर थूक लगाने के बजाय सूखी उंगलियों से नोट गिनें और जरूरत हो तो नोट गिनने के बाद हाथ साफ करें।
नोट छूने के बाद बीमारी कैसे हो सकती है?
सिर्फ नोट छू लेना बीमारी का कारण नहीं है। संक्रमण का जोखिम तब बढ़ सकता है जब दूषित सतह के संपर्क में आए हाथ बाद में आंख, नाक या मुंह की श्लेष्मा झिल्ली को छूते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दूषित हाथों से मुंह, नाक या आंखों को छूने से कुछ संक्रमणों का प्रसार हो सकता है। हाथों की स्वच्छता संक्रमण की रोकथाम का महत्वपूर्ण तरीका है।
इसलिए नकद लेन-देन के बाद खासकर खाना खाने से पहले हाथ साफ करना एक अच्छी आदत है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
सामान्य तौर पर हर व्यक्ति को हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर वे लोग अधिक सतर्क रह सकते हैं जिनके लिए संक्रमण का खतरा सामान्य से ज्यादा हो सकता है।
इनमें शामिल हो सकते हैं:
छोटे बच्चे
बुजुर्ग
कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग
कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग
स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोग
ऐसे लोग जिनका रोजाना कई लोगों और सतहों से संपर्क होता है
हालांकि किसी विशेष व्यक्ति के लिए संक्रमण का जोखिम उसकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
क्या सिक्के भी गंदे हो सकते हैं?
हां। सिक्के भी अलग-अलग लोगों के हाथों और सतहों के संपर्क में आते हैं। इसलिए उन पर भी सूक्ष्मजीव और गंदगी मौजूद हो सकती है।
2023 के रिव्यू में बैंकनोट के साथ सिक्कों को भी संभावित सतह के रूप में शामिल किया गया था। लेकिन यहां भी यही बात महत्वपूर्ण है कि सूक्ष्मजीव की मौजूदगी का मतलब अपने आप संक्रमण होना नहीं है।
नोट को साबुन-पानी से धोना सही है?
नहीं। करेंसी नोट को घर पर पानी, साबुन या दूसरे केमिकल से धोकर साफ करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे नोट खराब हो सकता है।
RBI के अनुसार गंदे यानी soiled notes और खराब/कटे-फटे नोटों को बैंक में बदलने की सुविधा उपलब्ध है। सभी बैंक शाखाओं को ऐसे नोटों के एक्सचेंज की सुविधा देने के निर्देश हैं।
इसलिए बहुत ज्यादा गंदा या खराब नोट हो तो उसे खुद साफ करने के बजाय बैंक में बदलना बेहतर विकल्प है।
सैनिटाइजर नोट पर डाल सकते हैं?
नोट को सैनिटाइजर या किसी केमिकल से साफ करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे नोट की सामग्री और उसकी प्रिंटिंग को नुकसान पहुंच सकता है।
RBI के नियमों के मुताबिक गंदे, कटे-फटे या खराब नोटों के लिए बैंक के जरिए एक्सचेंज की व्यवस्था है।
धूप में रखने से नोट जर्म्स-फ्री हो जाएगा?
सिर्फ नोट को धूप में रखने को संक्रमण से बचाव का भरोसेमंद तरीका नहीं माना जा सकता। नोट की सतह पर मौजूद सूक्ष्मजीवों को खत्म करने के लिए घर पर कोई अनौपचारिक तरीका अपनाना जरूरी नहीं है।
सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है—नोट को सामान्य तरीके से संभालें और लेन-देन के बाद हाथों की स्वच्छता बनाए रखें।
क्या नोट को प्रेस यानी आयरन कर सकते हैं?
नहीं। नोट को आयरन करके जर्म्स खत्म करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे नोट खराब हो सकता है और गर्म उपकरण के इस्तेमाल से अलग सुरक्षा जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।
करेंसी को साफ करने के लिए घरेलू प्रयोग करने के बजाय सामान्य हाइजीन का पालन करना ज्यादा उचित है।
पर्स में भी पहुंच सकते हैं जर्म्स?
नोटों की सतह पर मौजूद गंदगी और कुछ सूक्ष्मजीव पर्स या बैग के अंदर भी पहुंच सकते हैं, खासकर जब नोट लंबे समय तक उसमें रखे रहें।
इसलिए पर्स और बैग को भी समय-समय पर साफ रखना अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता का हिस्सा है। हालांकि पर्स को कितने अंतराल पर साफ करना है, यह उसके इस्तेमाल और सामग्री पर निर्भर करता है।
ATM से निकले नोट क्या साफ होते हैं?
जरूरी नहीं। ATM से निकलने वाला नोट भी पहले से चलन में रहा हो सकता है और कई लोगों के हाथों से गुजर चुका हो सकता है।
इसलिए ATM से नोट मिलने का मतलब यह नहीं कि वह जर्म्स से पूरी तरह मुक्त है। लेकिन इससे यह निष्कर्ष भी नहीं निकालना चाहिए कि ATM के नोट से बीमारी होना तय है।
डिजिटल पेमेंट क्या बेहतर विकल्प है?
डिजिटल पेमेंट में नकद नोटों के प्रत्यक्ष संपर्क की जरूरत नहीं होती। इसलिए करेंसी की सतह से जुड़े संभावित संपर्क को इससे कम किया जा सकता है।
हालांकि डिजिटल पेमेंट में भी मोबाइल फोन, कार्ड, ATM मशीन और दूसरी बार-बार छुई जाने वाली सतहों की स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है।
गंदे नोट का क्या करें?
अगर कोई नोट बहुत ज्यादा गंदा, फटा या खराब हो गया है तो उसे खुद धोने या रसायन लगाने के बजाय बैंक में बदलने की सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
RBI के अनुसार soiled notes को सभी बैंक शाखाओं में बदला जा सकता है। छोटे स्तर पर 20 तक नोट और कुल ₹5,000 तक की राशि के soiled notes को बैंक शाखा काउंटर पर मुफ्त में बदलने की व्यवस्था है।
बहुत ज्यादा खराब, जले या ऐसे नोट जो सामान्य रूप से संभाले नहीं जा सकते, उनके लिए RBI के Issue Offices में विशेष प्रक्रिया उपलब्ध है।
नोटों से जुड़े 10 जरूरी सावधानी
1. नोट गिनते समय थूक न लगाएं।
सूखी उंगलियों से नोट गिनें।
2. नकद लेन-देन के बाद हाथ साफ करें।
खासकर खाना खाने से पहले।
3. हाथों से बार-बार चेहरा न छुएं।
आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
4. गंदे नोट को मुंह से न छुएं।
नोट को सीधा मुंह में लगाने या पकड़ने से बचें।
5. नोटों को खाने-पीने की चीजों के साथ न रखें।
खाने की वस्तुओं और करेंसी को अलग रखें।
6. पर्स और बैग साफ रखें।
नोटों के साथ लंबे समय तक जमा होने वाली गंदगी को हटाते रहें।
7. नोट पर सैनिटाइजर या केमिकल न डालें।
इससे नोट खराब हो सकता है।
8. नोट को साबुन-पानी से न धोएं।
खराब नोट को बैंक में बदलें।
9. नकद के बाद हाथों से आंख-नाक-मुंह न छुएं।
जरूरत पड़ने पर हाथ साफ करें।
10. संभव हो तो उपयुक्त परिस्थितियों में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करें।
इससे करेंसी की सतह के सीधे संपर्क को कम किया जा सकता है।
सबसे जरूरी बात: नोटों से डरने की जरूरत नहीं
नोटों और सिक्कों पर सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं, लेकिन उपलब्ध वैज्ञानिक समीक्षा यह नहीं बताती कि आम जनता के लिए करेंसी अपने आप में कोई बड़ा संक्रमण खतरा है। 2023 के Journal of Medical Virology रिव्यू ने भी बैंकनोट और सिक्कों को संभावित सूक्ष्मजीवी सतह माना, लेकिन उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर इन्हें जनता के लिए विशेष संक्रमण जोखिम नहीं माना।
इसलिए समाधान नोटों को लेकर डरना नहीं, बल्कि सही हाइजीन आदतें अपनाना है—नोटों पर थूक न लगाना, नकद लेन-देन के बाद हाथ साफ करना और बिना जरूरत हाथों को आंख, नाक और मुंह तक न ले जाना।
नोट बहुत गंदा या खराब हो गया है तो उसे साफ करने की कोशिश न करें—RBI की व्यवस्था के तहत बैंक में बदलें।
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