भोपाल टैक्सी हड़ताल: परिवहन मंत्री से आज होगी यूनियन की अहम बैठक, मांगों पर समाधान की उम्मीद
टैक्सी चालकों का दावा- हमारी सभी मांगें जायज, प्रशासन ने भी माना मुद्दा सही; एग्रीगेटर कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया
भोपाल। राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों की हड़ताल का आज अहम दिन है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों को परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बातचीत के लिए अपने निवास पर बुलाया है। यूनियन नेताओं की मंत्री के साथ बैठक में किराया, एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े नियम और ड्राइवरों की कमाई समेत कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
टैक्सी चालकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने मांग उठा रहे हैं। यूनियन का दावा है कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं और प्रशासन ने भी उनकी समस्याओं को गंभीर माना है। अब उन्हें उम्मीद है कि परिवहन मंत्री के साथ होने वाली बैठक में कोई ठोस समाधान निकलेगा।
मंत्री के घर होगी यूनियन की बैठक
प्रदर्शन कर रहे एक टैक्सी चालक ने कहा कि परिवहन मंत्री ने यूनियन के प्रतिनिधियों को अपने निवास पर बुलाया है। वहां सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
चालक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बैठक के बाद कोई समाधान जरूर निकलेगा। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालक अपनी रोजी-रोटी के लिए काम करते हैं और मौजूदा व्यवस्था में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उचित किराया तय करने की मांग
टैक्सी यूनियन की सबसे प्रमुख मांग उचित किराया तय करने की है। ड्राइवरों का कहना है कि मौजूदा किराये में ईंधन, वाहन की EMI, बीमा, सर्विसिंग और दूसरी लागत निकालने के बाद उनके पास पर्याप्त कमाई नहीं बचती।
यूनियन चाहती है कि सरकार टैक्सी का ऐसा किराया तय करे जिससे यात्रियों पर भी ज्यादा बोझ न पड़े और ड्राइवरों को भी उनके काम का उचित भुगतान मिल सके।
एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी का आरोप
टैक्सी चालकों ने ऑनलाइन कैब चलाने वाली एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। यूनियन का आरोप है कि कंपनियों की नीतियों के कारण ड्राइवरों की कमाई प्रभावित हो रही है।
चालकों का कहना है कि किराये और कमीशन से जुड़ी व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। प्रशासन की ओर से भी कंपनियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।
प्रशासन ने मांगों को जायज माना- यूनियन
प्रदर्शनकारी चालक ने दावा किया कि प्रशासन ने भी उनकी मांगों को जायज माना है। यूनियन के मुताबिक, अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में ड्राइवरों की कई समस्याओं पर चर्चा हुई और एग्रीगेटर कंपनियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे।
हालांकि, पिछली बैठक में कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। अब परिवहन मंत्री के साथ होने वाली बैठक को इस पूरे विवाद में अहम माना जा रहा है।
बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हुआ प्रदर्शन
टैक्सी यूनियन की ओर से बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन भी किया गया। यहां बड़ी संख्या में टैक्सी चालक और यूनियन पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर जुटे।
प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने सरकार से उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। यूनियन का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि किराया और एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े नियमों पर ठोस फैसला लेना होगा।
प्राइवेट नंबर वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की मांग
यूनियन ने प्राइवेट नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया है। टैक्सी चालकों का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले कमर्शियल वाहनों पर खर्च और टैक्स का बोझ रहता है, जबकि कुछ प्राइवेट नंबर वाले वाहन व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
यूनियन ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, ताकि सभी टैक्सी संचालकों के लिए समान नियम लागू हों।
हड़ताल से यात्रियों की परेशानी बढ़ी
टैक्सी सेवाएं बंद होने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा है। भोपाल रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर यात्रियों को कैब नहीं मिलने के कारण वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
कई यात्रियों ने ऑटो से यात्रा की। कुछ जगहों पर ऑटो चालकों द्वारा सामान्य से ज्यादा किराया लिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।
ओला, उबर समेत कैब सेवाएं प्रभावित
हड़ताल के कारण ऑनलाइन कैब सेवाओं पर भी असर पड़ा है। यात्रियों को कैब बुक करने में परेशानी हो रही है। कई लोगों ने कैब बुक करने की कोशिश की, लेकिन वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे साधनों से जाना पड़ा।
इसका असर खासकर उन लोगों पर ज्यादा पड़ा जिन्हें सुबह जल्दी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या दूसरे जरूरी स्थानों तक पहुंचना था।
हड़ताल खत्म होगी या जारी रहेगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिवहन मंत्री के साथ बैठक के बाद टैक्सी चालकों की हड़ताल खत्म होगी या आगे भी जारी रहेगी।
यूनियन का कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन देती है और समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाती है तो आगे का फैसला सकारात्मक हो सकता है। वहीं, मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जा सकता है।
बैठक के बाद तय होगी आगे की रणनीति
टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि आज की बैठक के बाद ही आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। यूनियन सरकार के सामने ड्राइवरों की कमाई, किराया, एग्रीगेटर कंपनियों और वाहनों से जुड़े नियमों का मुद्दा रखेगी।
फिलहाल भोपाल में टैक्सी हड़ताल को लेकर यात्रियों और ड्राइवरों दोनों की नजर परिवहन मंत्री के साथ होने वाली बैठक पर है। अगर बैठक में सहमति बनती है तो शहर में कैब सेवाएं जल्द सामान्य हो सकती हैं। वहीं बातचीत बेनतीजा रहने पर हड़ताल आगे बढ़ने की संभावना है।
news desk MPcg