फुल टैंक लेवल के बेहद करीब भोपाल का बड़ा तालाब, 1666.40 फीट पहुंचा जलस्तर; भदभदा डैम के गेट खुलने की तैयारी

फुल टैंक लेवल के बेहद करीब भोपाल का बड़ा तालाब, 1666.40 फीट पहुंचा जलस्तर; भदभदा डैम के गेट खुलने की तैयारी

कैचमेंट एरिया से लगातार पानी की आवक, कोलांस नदी सामान्य से करीब 3 फीट ऊपर; बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट

भोपाल की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारिश के बीच तालाब अपने फुल टैंक लेवल के बेहद करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को बड़े तालाब का जलस्तर 1666.40 फीट रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसका फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट है। यानी तालाब अब निर्धारित अधिकतम जलस्तर से महज 0.40 फीट नीचे है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और जरूरत पड़ने पर भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं।

राजधानी भोपाल और आसपास के कैचमेंट एरिया में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। शहर में बारिश भले ही लगातार नहीं हो रही हो, लेकिन बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र से पानी की आवक बनी हुई है। खास तौर पर कोलांस और उलझावन नदियों से तालाब में लगातार पानी पहुंच रहा है। पानी की इस तेज आवक के चलते बड़े तालाब का जलस्तर धीरे-धीरे ऊपर जा रहा है। कोलांस नदी का जलस्तर भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक कोलांस नदी फिलहाल सामान्य जलस्तर से करीब 3 फीट ऊपर बह रही है। नदी के बढ़े हुए जलस्तर का सीधा असर बड़े तालाब पर पड़ रहा है। कैचमेंट से पानी की आवक बनी रहने के कारण आने वाले समय में तालाब का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।

24 घंटे में 0.40 फीट बढ़ा जलस्तर
बड़े तालाब के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 0.40 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार शाम को तालाब का जलस्तर 1665.80 फीट था। इसके बाद गुरुवार सुबह जलस्तर बढ़कर 1666.00 फीट पहुंच गया। गुरुवार शाम तक इसमें और बढ़ोतरी हुई और जलस्तर 1666.20 फीट दर्ज किया गया। शुक्रवार को यह बढ़कर 1666.40 फीट पर पहुंच गया। इस तरह कुछ ही समय में बड़े तालाब के जलस्तर में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। फुल टैंक लेवल और मौजूदा जलस्तर के बीच अब बहुत कम अंतर बचा है। ऐसे में अगर कैचमेंट एरिया में तेज बारिश होती है या नदियों से पानी की आवक बढ़ती है, तो तालाब का जलस्तर जल्द ही फुल टैंक लेवल तक पहुंच सकता है।

भदभदा डैम पर प्रशासन की नजर
बड़े तालाब का पानी जब फुल टैंक लेवल के करीब पहुंचता है, तो अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए भदभदा डैम की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग तालाब के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं। गेट खोले जाने की स्थिति में डैम से पानी की निकासी की जाएगी। ऐसे में भदभदा और उसके आसपास के निचले इलाकों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। पिछले वर्षों में भी बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल के करीब पहुंचने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाते रहे हैं।

कैचमेंट में बारिश बनी वजह
बड़े तालाब के जलस्तर में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश और वहां से आने वाला पानी है। भोपाल शहर के अलावा तालाब से जुड़े कैचमेंट क्षेत्रों में बारिश होने पर पानी नदियों और नालों के जरिए बड़े तालाब तक पहुंचता है। इस समय कोलांस नदी में पानी का स्तर सामान्य से ऊपर होने के कारण तालाब में पानी की आवक बनी हुई है। शहर में रुक-रुककर बारिश होने के बावजूद तालाब का जलस्तर लगातार बढ़ना इस बात का संकेत है कि कैचमेंट क्षेत्र में पानी की आवक अभी पर्याप्त बनी हुई है। मौसम में बदलाव और आने वाले घंटों में बारिश की स्थिति के आधार पर बड़े तालाब का जलस्तर आगे और बढ़ सकता है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल के नजदीक पहुंचने के बाद प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। संबंधित विभाग जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर रख रहे हैं। भदभदा डैम और बड़े तालाब की स्थिति को देखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी। खासतौर पर अगर पानी की आवक अचानक बढ़ती है तो अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए तत्काल कदम उठाए जा सकते हैं।

भोपाल के लिए बड़ा तालाब सिर्फ एक जलस्रोत नहीं बल्कि शहर की पहचान और पेयजल व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। यही वजह है कि बारिश के मौसम में इसके जलस्तर पर प्रशासन के साथ-साथ शहरवासियों की भी नजर रहती है। इस बार भी जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण लोगों में उत्सुकता बनी हुई है कि तालाब कब फुल टैंक लेवल तक पहुंचेगा और भदभदा डैम के गेट कब खोले जाएंगे। फिलहाल बड़ा तालाब 1666.40 फीट के जलस्तर पर है और फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट है। यानी सिर्फ 0.40 फीट की बढ़ोतरी के बाद तालाब फुल टैंक लेवल तक पहुंच जाएगा। अब आने वाली बारिश और कैचमेंट से पानी की आवक यह तय करेगी कि जलस्तर कितनी तेजी से बढ़ता है और भदभदा डैम के गेट खोलने की जरूरत कब पड़ती है।