IRCTC केस में लालू परिवार पर आरोप तय, लालू-तेजस्वी-राबड़ी समेत 9 आरोपी; 7 को कोर्ट से राहत

IRCTC केस में लालू परिवार पर आरोप तय, लालू-तेजस्वी-राबड़ी समेत 9 आरोपी; 7 को कोर्ट से राहत

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 आरोपियों वाली ED चार्जशीट में 9 के खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाने का फैसला दिया, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को
IRCTC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए 7 लोगों को अदालत ने आरोपों से मुक्त कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने इस मामले में कुल 16 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अब मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।

होटल टेंडर से शुरू हुआ विवाद, रेल मंत्री रहते लालू पर पद के दुरुपयोग का आरोप
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, रेलवे के दो होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में कथित तौर पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में प्रभाव का इस्तेमाल किया गया और इसके बदले लालू परिवार को कथित तौर पर जमीन और अन्य आर्थिक लाभ मिले। इसी कथित लेन-देन को मनी लॉन्ड्रिंग केस का आधार बनाया गया है। अदालत के सामने अब इस मामले में आरोपों की न्यायिक जांच आगे बढ़ेगी।

कोर्ट ने राबड़ी और तेजस्वी को लेकर जताया गंभीर संदेह
अदालत ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ अपराध से कथित आय और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर माना है। कोर्ट के मुताबिक पटना की एक जमीन को लेकर भी जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिसे कथित तौर पर 2005 से 2014 के बीच लालू यादव के कहने पर उनके पक्ष में ट्रांसफर किया गया था। अदालत ने माना कि इस संपत्ति से जुड़े लाभ का इस्तेमाल परिवार के सदस्यों द्वारा किए जाने का आरोप है। हालांकि ये आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के दौर में हैं और आरोप तय होना दोष साबित होना नहीं है।

लालू पर टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप
मामले में अदालत ने लालू प्रसाद यादव की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना है। जांच एजेंसी का आरोप है कि रेलवे से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया में उनका प्रभाव और हस्तक्षेप था तथा पूरी कथित साजिश की जानकारी उन्हें थी। आरोप है कि टेंडर से जुड़े फैसलों का फायदा उनके परिवार और उनसे जुड़े लोगों को मिला। कोर्ट ने इन आरोपों के आधार पर लालू यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

16 आरोपी और कंपनियां जांच के दायरे में, 7 को मिली राहत
ED की चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव के अलावा कई व्यक्ति और कंपनियां आरोपी बनाई गई थीं। इनमें लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेम चंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, सुजाता होटल्स, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलन और अभीषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य नाम शामिल हैं। अदालत ने इनमें से 7 आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया है, जबकि 9 के खिलाफ केस आगे चलेगा। अब 3 अक्टूबर की सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।