इंदौर में BJP नेताओं की ‘राज की बात’ पर सियासी चर्चा, CM मोहन यादव ने गौरव रणदिवे को बताया आयोजन का सूत्रधार; विजयवर्गीय बोले- आज पता चला
नितिन नबीन की मौजूदगी में स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में मंच से हुई टिप्पणियों ने खींचा ध्यान, 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री अभियान की हुई शुरुआत
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में आयोजित स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के कार्यक्रम में नेताओं के बीच हुई मंचीय टिप्पणियां चर्चा का विषय बन गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम की तैयारियों और रूपरेखा के लिए भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्हें आयोजन का सूत्रधार बताया। इसके बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री की इसी बात को अपने अंदाज में आगे बढ़ाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने आज एक ‘राज की बात’ बता दी।
CM मोहन यादव ने रणदिवे की भूमिका का किया जिक्र
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयोजन की तैयारियों को लेकर गौरव रणदिवे की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा और आयोजन से जुड़े काम में रणदिवे की अहम भूमिका रही। मुख्यमंत्री की ओर से सार्वजनिक मंच पर मिले इस श्रेय के बाद भाजपा के भीतर और राजनीतिक हलकों में इस टिप्पणी को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, मंच से सामने आई इन टिप्पणियों के अलावा दोनों नेताओं के बीच किसी औपचारिक विवाद की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है।
विजयवर्गीय बोले- मुख्यमंत्री ने एक ‘राज की बात’ बता दी
मुख्यमंत्री के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने संबोधन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि आज उन्हें एक ‘राज की बात’ पता चली कि आयोजन के सूत्रधार गौरव रणदिवे थे। विजयवर्गीय ने रणदिवे का आभार भी जताया। उनके इस अंदाज को लेकर कार्यक्रम के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हुईं। सोशल मीडिया पर भी मंच से दिए गए इस बयान का वीडियो चर्चा में रहा। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे विजयवर्गीय के चिर-परिचित राजनीतिक अंदाज के रूप में भी बताया गया है।
रणदिवे की बढ़ती संगठनात्मक भूमिका के बीच बयान पर नजर
गौरव रणदिवे लंबे समय से इंदौर भाजपा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और वर्तमान में प्रदेश भाजपा महामंत्री हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा उनकी भूमिका का सार्वजनिक उल्लेख ऐसे समय हुआ, जब नितिन नबीन के मध्य प्रदेश दौरे को लेकर भाजपा संगठन ने बड़े स्तर पर तैयारियां की थीं। नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका मध्य प्रदेश का पहला दौरा था। इंदौर में उनके स्वागत और कार्यक्रम को लेकर एयरपोर्ट से आयोजन स्थल तक व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।
स्वामित्व योजना से 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों को फ्री रजिस्ट्री का दावा
इसी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत की। सरकार के मुताबिक ग्रामीण आबादी क्षेत्र की पात्र निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री निशुल्क की जाएगी और लाभार्थियों से स्टाम्प ड्यूटी व पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। राज्य में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार होने की जानकारी दी गई है, जिनमें 48.32 लाख व्यक्तिगत संपत्तियों से जुड़े हैं। इंदौर कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर करीब 30 हजार लाभार्थियों को लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि प्रदेश स्तर पर करीब 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों को इस अभियान से जोड़ने की बात कही गई है।
इंदौर से उज्जैन तक नितिन नबीन का कार्यक्रम
नितिन नबीन के दौरे के दौरान इंदौर में स्वामित्व योजना के शुभारंभ के साथ अन्य कार्यक्रम भी आयोजित हुए। इसके बाद वे उज्जैन पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा-संकल्प अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक 18 सितंबर को नितिन नबीन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती में शामिल होने का कार्यक्रम भी था।
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