सड़क हादसे के 4 साल बाद मिलेगा मुआवजा:बेटे की जान गई, पिता कोमा में रहे; कोर्ट ने दिलाया 2.25 करोड़ का क्लेम
बेटे की मौत, पिता कोमा के बाद हुए दूसरों पर निर्भर; कोर्ट ने दोनों मामलों में 1.76 करोड़ मूल क्लेम तय किया
13 मार्च 2022 को देवास जिले के चापड़ा-अमरपुरा के पास तेज रफ्तार डंपर ने कार को टक्कर मार दी थी। हादसे में पीयूष गर्ग की मौत हो गई, जबकि उनके पिता सुरेश चंद्र गर्ग गंभीर रूप से घायल होकर लंबे समय तक कोमा में रहे। हादसे के बाद उनकी कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई और अब उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ती है।
सुरेश चंद्र के मामले में 95.51 लाख रुपए
इंदौर जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुरेश चंद्र के मामले में 95.51 लाख रुपए का मुआवजा तय किया है। इसमें स्थायी आय में कमी, मेडिकल खर्च, भविष्य की आय और अटेंडेंट खर्च समेत अन्य मद शामिल हैं। कोर्ट ने दर्द, पौष्टिक आहार और परिवहन जैसे खर्चों के लिए भी मुआवजा निर्धारित किया।
पीयूष के परिवार को 80.71 लाख रुपए
कोर्ट ने पीयूष गर्ग के आश्रित परिवार के लिए 80.71 लाख रुपए का मुआवजा तय किया। पीयूष के परिवार में पत्नी कनुप्रिया, 10 साल का बेटा मान्य, 5 साल की बेटी भूमिक और मां मधु हैं। कोर्ट ने पीयूष की आय और भविष्य की कमाई को ध्यान में रखते हुए 40% फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट भी जोड़ा।
बीमा कंपनी की आपत्ति कोर्ट ने खारिज की
मामले में बीमा कंपनी ने डंपर के फिटनेस प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने बीमा पॉलिसी की शर्तों और संबंधित न्यायिक फैसलों का परीक्षण करने के बाद बीमा कंपनी को मुआवजे की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया। डंपर चालक की लापरवाही को भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माना गया।
ब्याज सहित राशि करीब 2.25 करोड़ रुपए
करीब चार साल चली सुनवाई के बाद 28 सितंबर को दोनों मामलों में कुल 1.76 करोड़ रुपए का मूल मुआवजा तय किया गया। इस राशि पर 9 सितंबर 2022 से भुगतान तक 6% सालाना ब्याज मिलेगा। ब्याज जोड़ने के बाद कुल रकम करीब 2.25 करोड़ रुपए हो जाती है। कोर्ट ने एक महीने में भुगतान के निर्देश दिए हैं।
news desk MPcg