CM बोले- एक पप्पू हमारे यहां, जो मानता नहीं:कहा- भगवान सद्बुद्धि दे, सागर में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह में शामिल हुए; 2 चीते रीलीज किए

CM बोले- एक पप्पू हमारे यहां, जो मानता नहीं:कहा- भगवान सद्बुद्धि दे, सागर में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह में शामिल हुए; 2 चीते रीलीज किए

CM बोले- ‘एक पप्पू हमारे यहां है, जो मानता नहीं’: सागर में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह में शामिल हुए; कूनो से आए 2 चीतों को किया रिलीज

सागर में बुधवार को वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। मुहली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राजनीतिक संदर्भ में कहा कि “एक पप्पू हमारे यहां है, पप्पू मानता ही नहीं है।” उन्होंने कहा कि देश के लिए अच्छा समय चल रहा है और दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान सभी को सद्बुद्धि दे।

कूनो से सागर पहुंचे दो चीते
चीता पुनर्स्थापना अभियान के तहत कूनो नेशनल पार्क से दो चीते वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लाए गए। इनमें नर चीता थोलो और मादा चीता CCB-3 शामिल हैं। दोनों को सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज कर विशेष वाहन से सागर लाया गया। इसके साथ ही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा आवास बन गया।

439 हेक्टेयर में तैयार किया गया सुरक्षित क्षेत्र
चीतों के लिए मुहली रेंज में करीब 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्था की गई है। यहां पांच सॉफ्ट बोमा तैयार किए गए हैं। चीतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। सॉफ्ट रिलीज के बाद विशेषज्ञ उनके नए वातावरण में अनुकूलन पर नजर रखेंगे।

कूनो और गांधीसागर के बाद तीसरा ठिकाना
मध्यप्रदेश में अब कूनो नेशनल पार्क और गांधीसागर के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा ठिकाना बन गया है। इससे चीता पुनर्स्थापना अभियान का दायरा मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र तक पहुंच गया है। इस क्षेत्र में बाघ और तेंदुए समेत कई अन्य वन्यजीव भी पाए जाते हैं।

वन अधिकारियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण और विभागीय कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वन अधिकारियों को सम्मानित किया। चीतों की मौजूदगी से सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन और उससे जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।