नर्मदापुरम में 39 फीसदी बारिश कम:सुखाग्रस्त घोषित करने की उठी मांग, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बोले- सर्वे कराएं प्रशासन
नर्मदापुरम में 39% कम बारिश, जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
33 इंच बारिश दर्ज, धान की फसल प्रभावित होने से किसानों को नुकसान की आशंका; जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासन से सर्वे कराने की मांग की
सामान्य से 39 फीसदी कम हुई बारिश
नर्मदापुरम जिले में इस साल सामान्य बारिश के मुकाबले 39 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में करीब 33 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश के लक्ष्य का लगभग 61 फीसदी है। कम वर्षा के कारण जिले के कई क्षेत्रों में खेती प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है। खासकर धान की फसल पर इसका असर पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
धान की फसल प्रभावित, किसानों को नुकसान की आशंका
जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण कई इलाकों में धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों को उत्पादन कम होने और आर्थिक नुकसान की आशंका है। बारिश की कमी का असर खेती और फसलों की स्थिति पर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का आकलन किए जाने की मांग उठ रही है।
जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
कम बारिश और फसलों पर पड़ रहे असर को देखते हुए नर्मदापुरम जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराने की मांग उठाई है। सर्वे के जरिए फसलों की वास्तविक स्थिति और किसानों को हुए संभावित नुकसान का आकलन करने की बात कही गई है।
तवा डैम भी पूरी क्षमता तक नहीं भरा
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल तवा डैम का जलस्तर 1162 फीट दर्ज किया गया, जो इसकी अधिकतम क्षमता का करीब 88 फीसदी है। कम बारिश के बीच बांध में जलभराव की स्थिति भी चर्चा में है। हालांकि, किसानों को राहत देने के लिए फसलों और वर्षा की स्थिति का विस्तृत आकलन जरूरी माना जा रहा है।
सर्वे के बाद सामने आएगी नुकसान की स्थिति
जिले में कम बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अब प्रशासन के सर्वे पर नजर रहेगी। सर्वे में फसलों की स्थिति, बारिश की कमी और संभावित नुकसान का आकलन किया जा सकता है। इसके आधार पर प्रभावित किसानों के लिए राहत संबंधी कदम उठाने की मांग की जा रही है।
news desk MPcg