अविनाश गहलोत का अशोक गहलोत पर पलटवार, बोले- भाजपा बाड़ाबंदी नहीं करती
अविनाश गहलोत का अशोक गहलोत पर पलटवार, बोले- भाजपा बाड़ाबंदी में विश्वास नहीं करती
पंचायत चुनाव के 4 चरणों को लेकर सियासत तेज; मंत्री बोले- कांग्रेस ने संवैधानिक संस्थाओं की सबसे ज्यादा धज्जियां उड़ाईं, भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी नहीं
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव के चरणों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रदेश में चार चरणों में पंचायत चुनाव कराने को भाजपा का षड्यंत्र बताने वाले बयान पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बाड़ाबंदी की राजनीति में विश्वास नहीं करती। मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं की सबसे ज्यादा धज्जियां कांग्रेस ने उड़ाई हैं।
अविनाश गहलोत ने प्रदेश सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी माहौल होने की बात को भी खारिज किया। उनके बयान के बाद राजस्थान में पंचायत चुनाव की रणनीति और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
चार चरणों में चुनाव कराने पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराने के फैसले को भाजपा का षड्यंत्र बताया था। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर राजनीतिक आरोप लगाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया।
पंचायत चुनाव प्रदेश की राजनीति में अहम माने जा रहे हैं। ऐसे में चुनाव कितने चरणों में होंगे और इसकी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चुनाव के चार चरणों में कराए जाने के पीछे प्रशासनिक कारणों या निर्वाचन आयोग के विस्तृत पक्ष का उल्लेख नहीं है।
'भाजपा बाड़ाबंदी में विश्वास नहीं करती'
मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि भाजपा बाड़ाबंदी की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उनका यह बयान अशोक गहलोत के उस आरोप के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने चार चरणों में पंचायत चुनाव कराने को षड्यंत्र बताया था।
बाड़ाबंदी की राजनीति का मुद्दा राजस्थान में पहले भी चर्चा में रहा है। राजनीतिक दल चुनाव या राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान अपने जनप्रतिनिधियों को एकजुट रखने के लिए इस तरह के कदम उठाते रहे हैं। मंत्री ने अपने बयान के जरिए कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए।
कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप
अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं की सबसे ज्यादा धज्जियां कांग्रेस ने उड़ाई हैं। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा की राजनीतिक कार्यशैली का बचाव किया।
हालांकि, मंत्री ने अपने बयान में किन विशिष्ट घटनाओं या संस्थाओं का उल्लेख किया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उनका आरोप राजनीतिक बयान के रूप में देखा जा रहा है।
'राजस्थान सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी नहीं'
मंत्री अविनाश गहलोत ने यह भी कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी नहीं है। एंटी इनकंबेंसी का मतलब मौजूदा सरकार के प्रति जनता में नाराजगी या असंतोष होना है।
मंत्री के इस बयान को पंचायत चुनाव से पहले भाजपा सरकार के पक्ष में राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। दूसरी ओर, चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी से प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया है।
निष्कर्ष: राजस्थान में पंचायत चुनाव के चरणों को लेकर अशोक गहलोत और मंत्री अविनाश गहलोत के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए संवैधानिक संस्थाओं और सत्ता विरोधी माहौल के मुद्दे पर पलटवार किया है। अब पंचायत चुनाव को लेकर दोनों दलों के अगले राजनीतिक कदमों पर नजर रहेगी।
news desk MPcg