पहली बार सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च:राहुल-अखिलेश समेत विपक्ष के 11 नेताओं ने SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दाखिल की

पहली बार सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च:राहुल-अखिलेश समेत विपक्ष के 11 नेताओं ने SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दाखिल की

SIR के खिलाफ विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, राहुल गांधी-अखिलेश यादव समेत 11 नेताओं ने दाखिल की याचिका

दिल्ली में विपक्षी नेताओं ने निकाला मार्च

दिल्ली में सोमवार को चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल हुए। इसके बाद राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। यह मार्च SIR में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच निकाला गया।

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को बनाया पक्षकार

दाखिल याचिका में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पक्षकार बनाया गया है। विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपनी आपत्तियां उठाई हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्षता और पारदर्शिता जरूरी है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर नजर रहेगी।

बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक निकला मार्च

विपक्षी नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक करीब एक किलोमीटर का मार्च निकाला। इस दौरान कुछ नेता पैदल चले, जबकि कुछ बस और अन्य वाहनों में सवार थे। रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार था जब विपक्षी नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर इस तरह सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही यह बात

मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 40 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के मार्च की तुलना शिवजी की बारात से करते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उनके इस बयान को विपक्ष की एकजुटता और विरोध प्रदर्शन में लोगों की भागीदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

CJI से मिलने के लिए मांगा था समय

इससे पहले रविवार को विपक्षी सांसदों ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। वे SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने मिलने से इनकार करते हुए उन्हें याचिका दाखिल करने का रास्ता अपनाने को कहा था। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।