उज्जैन में दशहरे पर निकलेगी महाकाल की सवारी:दशहरा मैदान पहुंचेंगे; ड्रोन से बरसाए जाएंगे 500 किलो फूल, एक लाख वर्गफीट में बनेगी रंगोली
दशहरे पर उज्जैन में निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी: ड्रोन से होगी 500 किलो फूलों की वर्षा, 1 लाख वर्गफीट में बनेगी रंगोली
20 अक्टूबर को चांदी की पालकी में दशहरा मैदान पहुंचेंगे महाकाल
उज्जैन में दशहरे के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को बाबा महाकाल की पारंपरिक सवारी निकाली जाएगी। साल में एक बार निकलने वाली इस सवारी में भगवान महाकाल चांदी की पालकी में विराजित होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेंगे। शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद सवारी रवाना होगी।
ड्रोन से बरसेंगे 500 किलो फूल
इस बार महाकाल की सवारी के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। सवारी मार्ग पर करीब 1 लाख वर्गफीट क्षेत्र में रंगोली बनाई जाएगी। वहीं, ड्रोन के जरिए पालकी पर करीब 500 किलो फूलों की वर्षा की जाएगी। आयोजन में लाइव पेंटिंग और पांच एलईडी रथों के माध्यम से सवारी का प्रसारण भी किया जाएगा।
पुलिस बल देगा सलामी, 10 भजन मंडलियां होंगी शामिल
मंदिर के सभा मंडप में पूजन के बाद सवारी रवाना होगी। मंदिर परिसर के बाहर सशस्त्र पुलिस बल बाबा महाकाल को सलामी देगा। सवारी में पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, मंदिर के पंडे-पुजारी, अधिकारी-कर्मचारी और श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके अलावा जनजातीय लोकनृत्य दल, 10 भजन मंडलियां और 300 वैदिक बटुक भी आयोजन का हिस्सा बनेंगे। वैदिक बटुक मंत्रोच्चार करेंगे, जबकि रजत ढोल वादन और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।
दशहरा मैदान पर होगा शमी वृक्ष का पूजन
बाबा महाकाल की सवारी महाकाल मंदिर से निकलकर गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सती गेट, नई सड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, टावर मार्ग और शहीद पार्क सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी। यहां भगवान मनमहेश का स्वागत और पूजन किया जाएगा। इसके बाद परंपरा के अनुसार शमी वृक्ष का पूजन होगा।
वापसी मार्ग पर भी तैयारियां, जगह-जगह स्वागत मंच
पूजन के बाद सवारी दशहरा मैदान से देवास रोड, तीन बत्ती चौराहा, माधव क्लब रोड, फ्रीगंज ओवरब्रिज, देवासगेट, मालीपुरा, दौलतगंज, इंदौर गेट, हरिफाटक ब्रिज और बेगमबाग होते हुए महाकाल मंदिर लौटेगी। सवारी के स्वागत के लिए फ्रीगंज ओवरब्रिज, टावर चौक, मालीपुरा और आसपास के क्षेत्रों में स्वागत मंच तैयार किए जा रहे हैं। व्यापारी और स्थानीय निवासी भी बाबा महाकाल के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं।
news desk MPcg