इंदौर कांग्रेस ने महापौर को बताया 'मित्रासुर':रीगल चौराहे पर फूंका पुतला, नेता प्रतिपक्ष बोलीं-6 महीने में काम साबित करें मेयर
इंदौर में कांग्रेस ने महापौर को बताया ‘मित्रासुर’: रीगल चौराहे पर फूंका पुतला, 6 महीने में काम साबित करने की चुनौती
शहर की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
इंदौर में सोमवार को कांग्रेस ने शहर की समस्याओं को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के खिलाफ प्रदर्शन किया। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने रीगल चौराहे पर महापौर का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान नगर निगम और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
पुतले पर शहर की समस्याओं के नाम
प्रदर्शन के लिए लाए गए ‘मित्रासुर’ के पुतले पर गड्ढे, जलसंकट, ड्रेनेज, ट्रैफिक व्यवस्था और कथित घोटालों से जुड़े मुद्दे लिखे गए थे। इनमें फर्जी नामांतरण, भागीरथपुरा जलकांड, सफाईकर्मियों से जुड़ा मामला, अवैध होर्डिंग और फर्जी बिल जैसे आरोपों का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने इन मुद्दों को उठाते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
‘जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने’ का आरोप
नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने आरोप लगाया कि महापौर खुद को शहर का मित्र बताते हैं, लेकिन गड्ढों, पानी की समस्या, ट्रैफिक और ड्रेनेज जैसे मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने महापौर और उनकी परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुतला दहन के जरिए जनता की समस्याओं की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की गई है।
जलसंकट और ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
मिमरोट ने शहर में जलसंकट, अवैध होर्डिंग और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी महापौर पर निशाना साधा। उन्होंने भागीरथपुरा जलकांड की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जनता की नाराजगी बढ़ सकती है। ये आरोप कांग्रेस नेता ने प्रदर्शन के दौरान लगाए।
6 महीने में काम साबित करने की चुनौती
सोनिला मिमरोट ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को चुनौती दी कि वे अगले छह महीने में जनता के सामने अपने काम का हिसाब रखें। उन्होंने कहा कि यदि महापौर शहर के लिए किए गए काम साबित नहीं कर पाते, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। फिलहाल, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों पर महापौर या नगर निगम की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
news desk MPcg