मुस्लिम लड़की को हिंदू लड़के के साथ देख भीड़ ने पीटा, दुकान में ले जाकर खींचा बुर्का; पुलिस ने आरोपियों को सिखाया सबक
मुजफ्फरनगर में एक मुस्लिम युवती और हिंदू युवक पर भीड़ ने हमला किया, युवती का बुर्का खींचने की कोशिश की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मुजफ्फरनगर, 14 अप्रैल 2025: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक शर्मनाक घटना ने सामाजिक सौहार्द को चुनौती दी है। रविवार को एक मुस्लिम युवती को एक हिंदू युवक के साथ देखकर कुछ लोगों ने न केवल उनकी पिटाई की, बल्कि युवती को एक दुकान में ले जाकर उनका बुर्का खींचने की कोशिश की। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में तनाव पैदा कर दिया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया और उन्हें कड़ा सबक सिखाया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना मुजफ्फरनगर के एक व्यस्त बाजार क्षेत्र में हुई। पीड़ित युवती और युवक, जो एक स्थानीय बैंक में सहकर्मी हैं, एक साथ बाजार में मौजूद थे। दोनों की दोस्ती को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और स्थिति को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने पहले दोनों को घेर लिया और फिर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। युवती को जबरन पास की एक दुकान में ले जाया गया, जहां उनके साथ बदसलूकी की गई और उनका बुर्का खींचने का प्रयास किया गया।
स्थानीय लोगों ने इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बताया कि इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (मारपीट), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश के लिए भी अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं। एसएसपी ने कहा, "हमने इस घटना को गंभीरता से लिया है। सभी दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। हमारा प्रयास है कि जिले में शांति और सौहार्द बना रहे।"
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ित युवती और युवक के बीच कोई अवैध संबंध नहीं थे। दोनों सहकर्मी हैं और सामान्य रूप से बाजार में मिले थे। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
स्थानीय लोगों और नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरी नाराजगी पैदा की है। कई सामाजिक संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, "यह घटना हमारे समाज के लिए शर्मनाक है। धर्म के नाम पर हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। हमें एक-दूसरे के सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए।" वहीं, कुछ स्थानीय नेताओं ने इस मामले को शांत करने की कोशिश की और लोगों से एकता बनाए रखने की अपील की। जिला प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
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