जस्टिस बीवी नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सदस्य बनीं, पहली महिला CJI बनने की कतार में

जस्टिस बीवी नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सदस्य बनीं, जो जस्टिस अभय एस. ओका के रिटायरमेंट के बाद हुआ। वह 2027 में रिटायरमेंट तक कॉलेजियम में रहेंगी और देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बनने की दौड़ में हैं। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई जल्द ही खाली पदों और हाई कोर्ट नियुक्तियों के लिए कॉलेजियम बैठक बुला सकते हैं।

जस्टिस बीवी नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सदस्य बनीं, पहली महिला CJI बनने की कतार में

सुप्रीम कोर्ट की 5वीं सीनियर जस्टिस बीवी नागरत्ना आज आधिकारिक रूप से कॉलेजियम का हिस्सा बनेंगी। जस्टिस अभय एस. ओका के रिटायरमेंट के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में सदस्य बनाया जा रहा है। इस तरह कॉलेजियम में अब चीफ जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस नागरत्ना होंगे। जस्टिस नागरत्ना देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बनने की कतार में हैं। वह 29 अक्टूबर 2027 को रिटायरमेंट तक इस सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का हिस्सा रहेंगी।

सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों ने बताया कि चीफ जस्टिस गवई सुप्रीम कोर्ट में खाली पदों को भरने और कई हाई कोर्टों में अहम नियुक्तियां करने के लिए सोमवार को अपनी पहली कलीजियम बैठक बुला सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस ओका के रिटायर होने के बाद न्यायाधीशों के खाली पदों की संख्या तीन हो जाएगी।

कॉलेजियम सिस्टम 1993 में वजूद में आया था। इसके तहत, सुप्रीम कोर्ट के पांच सीनियर मोस्ट जस्टिस सर्वोच्च न्यायालय और 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति, तबादले और प्रमोशन की सिफारिश करते हैं। सरकार कॉलेजियम की सिफारिशें लौटा सकती है। हालांकि, कॉलेजियम के दोबारा सिफारिश करने पर वह आमतौर पर इसे स्वीकार कर लेती है। कई ऐसे मामले भी आए हैं, जब सरकार ने फाइल को फिर से लौटा दिया है या सिफारिशों पर कोई जवाब नहीं दिया।