मेरठ में फाइबर स्क्रैप और कबाड़ में लगी आग से फैला जहरीला धुआं, सांस लेने में दिक्कत से ग्रामीण परेशान

मेरठ में फाइबर स्क्रैप और कबाड़ में लगी आग से फैला जहरीला धुआं, सांस लेने में दिक्कत से ग्रामीण परेशान

मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र स्थित अच्छरोंडा बहादरपुर रोड पर अवैध फैक्ट्रियों से निकलने वाले फाइबर स्क्रैप और कबाड़ में पड़ी रुई के ढेर में आग लगाए जाने से पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। जहरीले धुएं के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा, जिससे इलाके में दहशत और नाराजगी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कई अवैध फैक्ट्रियां अपने यहां से निकलने वाले औद्योगिक कचरे, फाइबर स्क्रैप और रुई के अपशिष्ट को खुले मैदानों और खाली प्लॉटों में फेंक देती हैं। बाद में इस कचरे में आग लगा दी जाती है, जिससे उठने वाला घना धुआं पूरे गांव में फैल जाता है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।

शनिवार को भी ऐसे ही कचरे में आग लगाए जाने के बाद आसमान में धुएं का काला गुबार छा गया। आसपास रहने वाले लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और घुटन महसूस होने लगी। कई बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध फैक्ट्रियों के संचालन में कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत है, जिसके कारण पर्यावरण नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उनका कहना है कि लगातार जहरीला धुआं फैलने से गांव में श्वास संबंधी बीमारियां और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

घटना के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हुए और फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अवैध फैक्ट्रियों को बंद कराने, कचरा जलाने पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लगातार फैल रहा प्रदूषण अब गांव के लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है।