तालाब में मस्ती बनी मौत का कारण! नहाने गईं दो चचेरी बहनें गहरे पानी में डूबीं, परिवार में मचा कोहराम
उत्तर प्रदेश के Kaushambi जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां तालाब में नहाने गईं दो मासूम चचेरी बहनों की डूबने से मौत हो गई। कुछ ही पलों में हंसी-खुशी घर से निकली बच्चियों की जिंदगी खत्म हो गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
मंझनपुर थाना क्षेत्र के शरीफपुर गांव के जजौली मजरा में शुक्रवार सुबह यह हृदयविदारक हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक 13 वर्षीय संजना और 12 वर्षीय रागिनी घरवालों को यह कहकर निकली थीं कि वे गांव के तालाब में नहाने जा रही हैं। दोनों चचेरी बहनें थीं और आपस में बेहद घनिष्ठ थीं।
गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब में स्नान करते समय दोनों बहनें धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चली गईं। उन्हें तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे खुद को संभाल नहीं सकीं और डूबने लगीं। आसपास मौजूद लोगों को जब तक घटना की जानकारी हुई, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
बताया जा रहा है कि एक अन्य बच्चे ने बहनों को डूबते देखा और भागकर गांव में इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। काफी प्रयासों के बाद दोनों बच्चियों को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं दोनों के पिता
मृतक बच्चियों के पिता राकेश और राजेश सगे भाई हैं और रोजी-रोटी के लिए जनपद से बाहर ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन बेटियों को सुबह हंसते-खेलते घर से विदा किया था, कुछ घंटों बाद उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों की आंखें नम थीं और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आया। मासूम बच्चियों की असमय मौत ने सभी को झकझोर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हर साल दोहराए जाते हैं ऐसे हादसे
ग्रामीण क्षेत्रों में खुले तालाबों और जलाशयों में नहाने के दौरान बच्चों के डूबने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। सुरक्षा उपायों और निगरानी के अभाव में ऐसे हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन लेते हैं। यह घटना भी एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और जल स्रोतों के आसपास सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करती है।
news desk MPcg