रुड़की के सती मोहल्ले में स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल, विरोध के बीच ऊर्जा निगम की टीम को लौटना पड़ा

रुड़की के सती मोहल्ले में स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल, विरोध के बीच ऊर्जा निगम की टीम को लौटना पड़ा

रुड़की के सती मोहल्ले में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब ऊर्जा निगम और विजिलेंस की संयुक्त टीम को स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध बढ़ने के कारण टीम को बिना काम पूरा किए ही वापस लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, ऊर्जा निगम की टीम अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा, सहायक अभियंता आकाश सिंह, विजिलेंस इंस्पेक्टर मारूत शाह और स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी के कर्मचारियों के साथ मोहल्ले में पहुंची थी। टीम ने जैसे ही घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की, स्थानीय लोग एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।

कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और इसे जबरन लागू किया जा रहा है। लोगों ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र विशेष को टारगेट कर मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष और आक्रोश बढ़ गया है।

विरोध के दौरान टीम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। आरोप है कि इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी और काम पूरी तरह बाधित हो गया। हालात बिगड़ते देख ऊर्जा निगम की टीम को पीछे हटना पड़ा और कुछ ही देर में वह मौके से वापस लौट गई।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें पुराने मीटरों से ही संतोष है और स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली बिलों में बढ़ोतरी और तकनीकी दिक्कतों की आशंका बनी हुई है। कई लोगों ने यह भी कहा कि जब तक उनकी सभी शंकाओं का समाधान नहीं होता, वे स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध जारी रखेंगे।

घटना के बाद पूरे सती मोहल्ले में तनाव का माहौल रहा, हालांकि किसी बड़े नुकसान या हिंसा की सूचना नहीं मिली है। सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय स्तर पर पुलिस को भी स्थिति पर नजर रखने के लिए सूचित किया गया है।

ऊर्जा निगम अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। उन्होंने बताया कि लोगों की शिकायतों और आपत्तियों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामले को शांत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।