चीन के दबाव में ताइवान राष्ट्रपति का दौरा रद्द! एयरस्पेस विवाद से मचा बवाल

चीन के दबाव में ताइवान राष्ट्रपति का दौरा रद्द! एयरस्पेस विवाद से मचा बवाल

ताइवान और चीन के बीच जारी तनाव अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नए मोड़ पर पहुंच गया है। ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते का प्रस्तावित विदेशी दौरा अचानक रद्द करना पड़ा, क्योंकि कई देशों ने उनके विमान को अपने एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

ताइवान के अधिकारियों के अनुसार, सेशेल्स, मॉरीशस और मेडागास्कर ने पहले एयरस्पेस की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया। इन देशों के ऊपर से होकर राष्ट्रपति को एस्वातिनी जाना था, जो ताइवान के गिने-चुने कूटनीतिक सहयोगियों में शामिल है।

इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे अंतरराष्ट्रीय एविएशन सिस्टम का दुरुपयोग बताया और आरोप लगाया कि यह कदम चीन के दबाव में उठाया गया है। अमेरिका का कहना है कि एयरस्पेस से जुड़े फैसले सुरक्षा के आधार पर होने चाहिए, न कि राजनीतिक दबाव के कारण।

ताइवान के सुरक्षा अधिकारियों ने भी दावा किया है कि चीन ने इन अफ्रीकी देशों पर आर्थिक दबाव डाला, जिसमें कर्ज राहत रोकने और अन्य आर्थिक नुकसान की चेतावनी शामिल थी। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है, लेकिन संबंधित देशों के फैसले का समर्थन करते हुए “वन चाइना पॉलिसी” को दोहराया है।

इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि एयरस्पेस से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और उन्हें किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना चीन द्वारा ताइवान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। पहली बार ऐसा हुआ है जब एयरस्पेस न मिलने के कारण ताइवान के राष्ट्रपति को अपना पूरा विदेशी दौरा रद्द करना पड़ा है, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में तनाव और बढ़ने की आशंका है।