राहुल द्रविड़ का बड़ा बयान, हर खेल को हीरो की जरूरत होती है, सुपरस्टार कल्चर पर गौतम गंभीर से अलग राय
भारतीय क्रिकेट में सुपरस्टार कल्चर को लेकर चल रही बहस के बीच पूर्व भारतीय कोच और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने अपनी स्पष्ट राय रखी है। द्रविड़ ने कहा कि वह गौतम गंभीर के इस विचार से पूरी तरह सहमत नहीं हैं कि भारतीय क्रिकेट से सुपरस्टार कल्चर खत्म हो जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने गंभीर के विचारों का विरोध नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि हर खेल को अपने हीरो की जरूरत होती है। क्या बोले राहुल द्रविड़
राहुल द्रविड़ ने Wisden के Scoop Podcast में बातचीत के दौरान कहा
“हर खेल को अपने हीरो की जरूरत होती है। मुझे नहीं लगता कि प्रदर्शन के बिना कोई हीरो बन सकता है उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में सुपरस्टार बनना आसान नहीं है। इसके लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करना पड़ता है और टीम को जीत दिलाने में योगदान देना होता है। सुपरस्टार बनने के पीछे क्या है असली वजह?
द्रविड़ के अनुसार:
खिलाड़ी मैदान पर प्रदर्शन करके ही पहचान बनाते हैं टीम की सफलता में व्यक्तिगत योगदान अहम होता है भारत में खिलाड़ियों को जितनी तारीफ मिलती है, उतनी ही आलोचना भी झेलनी पड़ती है उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी सुपरस्टार बना है, तो उसके पीछे उसकी मेहनत और प्रदर्शन की बड़ी भूमिका होती है।
गौतम गंभीर का क्या था बयान
गौतम गंभीर कई बार यह कह चुके हैं कि भारतीय क्रिकेट में टीम खेल को व्यक्तिगत स्टारडम से ऊपर रखना चाहिए। उनका मानना है कि क्रिकेट किसी एक खिलाड़ी से बड़ा होता है। इसी सोच को लेकर उन्होंने “सुपरस्टार कल्चर” को खत्म करने की बात कही थी।
क्रिकेट जगत में बढ़ी चर्चा
राहुल द्रविड़ के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में एक नई बहस शुरू हो गई है। एक तरफ टीम फर्स्ट की सोच है, वहीं दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि बड़े खिलाड़ी ही खेल को नई पहचान और प्रेरणा देते हैं।
राहुल द्रविड़ का मानना है कि सुपरस्टार बनना सिर्फ लोकप्रियता नहीं, बल्कि लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम होता है। उनके अनुसार खेल में हीरो होना जरूरी है, क्योंकि वही आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं।
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