यूपी पुलिस को बड़ा झटका! अब 29 मामलों में सीधे FIR नहीं होगी दर्ज, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नया नियम लागू

यूपी पुलिस को बड़ा झटका! अब 29 मामलों में सीधे FIR नहीं होगी दर्ज, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नया नियम लागू

उत्तर प्रदेश में अब पुलिस कई मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज नहीं कर सकेगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद डीजीपी स्तर से बड़ा आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत 29 अधिनियमों में पहले कोर्ट में परिवाद दायर करना जरूरी होगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदली प्रक्रिया

नई व्यवस्था के अनुसार पीसीपीएनडीटी एक्ट, बाल श्रम अधिनियम, ट्रेड मार्क और डोमेस्टिक वायलेंस जैसे कई मामलों में पुलिस अब सीधे मुकदमा दर्ज नहीं करेगी। इन मामलों में पहले संबंधित अदालत में शिकायत दाखिल करनी होगी।

सिर्फ दो मामलों में रहेगा सीधा अधिकार

हालांकि दहेज निषेध अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम ऐसे दो कानून हैं, जिनमें पुलिस पहले की तरह सीधे मुकदमा दर्ज कर सकेगी।

DGP ने जारी किए निर्देश

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि नई प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

पीड़ितों को पहले कोर्ट जाना होगा

अब इन 29 अधिनियमों से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ताओं को पहले अदालत में परिवाद दायर करना होगा। कोर्ट के आदेश के बाद ही आगे कानूनी कार्रवाई हो सकेगी।

कानूनी प्रक्रिया पर बढ़ी चर्चा

इस फैसले के बाद कानूनी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा।