प्रयागराज जल निगम में 20 करोड़ का फर्जीवाड़ा, दो सहायक अभियंता भी जांच के घेरे में
प्रयागराज में जल निगम विभाग के भीतर 20 करोड़ रुपये के कथित फर्जी भुगतान घोटाले की जांच तेज हो गई है। इस मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अब सहायक अभियंताओं के नाम भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
बिना ई-टेंडर हुए करोड़ों के काम
जांच में सामने आया है कि कई काम बिना ई-टेंडर प्रक्रिया के ही कागजों पर पूरे दिखाए गए और भुगतान भी जारी कर दिया गया। शुरुआती रिपोर्ट में करीब 20 करोड़ रुपये के गड़बड़ी की बात सामने आई है।
अधिकारियों पर बढ़ी कार्रवाई की आंच
इस मामले में अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंताओं के साथ-साथ अब सहायक अभियंता भी जांच के घेरे में हैं। विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उच्च स्तरीय जांच जारी
लखनऊ मुख्यालय से नियुक्त जांच अधिकारी द्वारा पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। तकनीकी टीम द्वारा मौके पर जाकर कार्यों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
कई स्तरों पर जांच का दायरा बढ़ा
अब इस घोटाले में अवर अभियंताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिससे यह मामला और व्यापक होता जा रहा है।
news desk MPcg