फर्जी मेडिकल डिग्री बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरकारी नियुक्तियों पर उठे सवाल
मध्यप्रदेश के सीहोर में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां फर्जी मेडिकल डिग्रियां बनाकर डॉक्टर तैयार करने वाले रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल बताया जा रहा है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
12 लोगों को बनाया गया फर्जी डॉक्टर
जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 12 लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां देकर उन्हें डॉक्टर के रूप में नियुक्त कराया। इन फर्जी डिग्रियों के जरिए कई लोग सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में नौकरी कर रहे थे।
पूरे मध्यप्रदेश में फैला था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार यह रैकेट केवल एक जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में फैला हुआ था। गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को मेडिकल डिग्री बेचते थे और इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे।
बिलकिसगंज CHC में रेडियोग्राफर निकला मास्टरमाइंड
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बिलकिसगंज CHC में कार्यरत एक रेडियोग्राफर ही इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड निकला। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई अहम दस्तावेज और सबूत बरामद किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
इस खुलासे के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। कई जगहों पर नियुक्त डॉक्टरों और स्टाफ की डिग्रियों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं, जो अब तक सामने नहीं आए हैं।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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