दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आसपास 100 गांवों के विकास की तैयारी, SDA करेगा सर्वे; शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आसपास 100 गांवों के विकास की तैयारी, SDA करेगा सर्वे; शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित गांवों के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) की बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बसे करीब 100 राजस्व गांवों का सर्वे कर विस्तृत विकास योजना तैयार की जाएगी और इसे शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। प्रस्ताव के अनुसार, एक्सप्रेसवे के आसपास के गांवों में सड़क, आवासीय और व्यावसायिक विकास, तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में सभी चयनित गांवों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसमें भूमि उपयोग, मौजूदा बुनियादी ढांचा, जनसंख्या दबाव और भविष्य की जरूरतों का आकलन शामिल रहेगा। इसके बाद एक समग्र विकास योजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद ही इस परियोजना पर औपचारिक काम शुरू हो सकेगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आसपास तेज गति से हो रहे विकास को देखते हुए सहारनपुर विकास प्राधिकरण की सीमा विस्तार पर भी विचार किया जाएगा। इसके तहत एक्सप्रेसवे से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों को प्राधिकरण के दायरे में शामिल करने की योजना पर सहमति बनी है।

अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में अव्यवस्थित निर्माण पर नियंत्रण लगेगा और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सप्रेसवे जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के आसपास तेजी से शहरीकरण होता है। ऐसे में समय रहते नियोजन करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ट्रैफिक, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न न हों।

फिलहाल प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है और शासन की मंजूरी के बाद ही इसे धरातल पर उतारा जाएगा। हालांकि इस पहल को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे सहारनपुर और आसपास के गांवों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।