बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' करने का प्रस्ताव मंजूर, अब शासन के फैसले का इंतजार

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' करने का प्रस्ताव मंजूर, अब शासन के फैसले का इंतजार

भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय" किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए मध्य प्रदेश शासन को भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

कार्यपरिषद की बैठक में राजा भोज के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और बौद्धिक विरासत में राजा भोज का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसी आधार पर विश्वविद्यालय को नई पहचान देने की सिफारिश की गई है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि भोपाल की ऐतिहासिक जड़ों और राजा भोज की विरासत को देखते हुए "वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय" नाम अधिक उपयुक्त होगा।

हालांकि, इस प्रस्ताव का विरोध भी सामने आया। कुछ सदस्यों ने स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद बरकतउल्लाह भोपाली के योगदान का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय का मौजूदा नाम बनाए रखने की मांग की। बरकतउल्लाह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारियों में रहे और 1915 में काबुल में गठित भारत की पहली अस्थायी सरकार के प्रधानमंत्री भी बने थे।

बैठक में अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। अरबी और पर्शियन विभागों को पुनर्गठित कर तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया। वहीं, निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर करीब 30 बीएड कॉलेजों को नोटिस जारी करने का फैसला भी किया गया।

अब विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर अंतिम निर्णय राज्य शासन के स्तर पर लिया जाएगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।