AI चिप्स की गर्मी घटाएगा लैब-ग्रोन डायमंड! चीन में तेजी से बढ़ रहा उत्पादन, हाईटेक इंडस्ट्री में बढ़ा इस्तेमाल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ हाई-परफॉर्मेंस चिप्स से निकलने वाली गर्मी को नियंत्रित करना बड़ी तकनीकी चुनौती बन गया है। इसी समस्या से निपटने के लिए लैब में तैयार किए गए सिंथेटिक डायमंड को एक संभावित थर्मल मैनेजमेंट समाधान के तौर पर विकसित किया जा रहा है। डायमंड की बेहद उच्च तापीय चालकता के कारण इसे चिप के ऊपर या उसके पैकेज में हीट स्प्रेडर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। शोध में डायमंड आधारित परतों से चिप का तापमान कम करने की क्षमता भी दिखाई गई है।
AI चिप्स के लिए गर्मी क्यों बनी चुनौती?
AI मॉडल चलाने वाले आधुनिक प्रोसेसर बड़ी संख्या में गणनाएं एक साथ करते हैं। इसके लिए चिप्स को लगातार अधिक पावर की जरूरत पड़ती है, जिससे स्थानीय स्तर पर काफी गर्मी पैदा होती है। यह गर्मी प्रभावी तरीके से बाहर नहीं निकले तो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। इसलिए AI सर्वर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में थर्मल मैनेजमेंट तेजी से महत्वपूर्ण हो रहा है।
डायमंड यहां इसलिए खास है क्योंकि इसकी तापीय चालकता बहुत अधिक होती है। एक सिंथेटिक डायमंड हीट स्प्रेडर को गर्म चिप और कूलिंग सिस्टम के बीच लगाया जा सकता है, जहां उसका काम गर्मी को तेजी से फैलाकर आगे कूलिंग सिस्टम तक पहुंचाना होता है।
शोध में चिप का तापमान घटाने के संकेत
डायमंड आधारित कूलिंग सिर्फ सैद्धांतिक विचार नहीं है। 2023 में प्रकाशित एक शोध में वैज्ञानिकों ने पतली डायमंड फिल्मों को सिस्टम-ऑन-चिप संरचनाओं में गर्मी फैलाने के लिए इस्तेमाल किया। अध्ययन में डायमंड की तापीय चालकता 300 से 1,800 W/m/K तक दर्ज की गई और थर्मल मॉडलिंग में एक मोनोलिथिक 3D डीप-न्यूरल-नेट एक्सेलेरेटर का तापमान करीब 50% तक कम होने का अनुमान लगाया गया।
इसका मतलब यह नहीं है कि हर AI चिप में डायमंड लगाने से तापमान अपने आप 50% कम हो जाएगा। वास्तविक परिणाम डायमंड की गुणवत्ता, मोटाई, चिप डिजाइन और चिप-कूलिंग सिस्टम के इंटरफेस पर निर्भर करेंगे।
चीन बना सिंथेटिक डायमंड का बड़ा केंद्र
चीन लंबे समय से सिंथेटिक डायमंड के उत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है। चीन के ज्वेलरी उद्योग से जुड़ी 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश ने 2024 में करीब 2.2 करोड़ कैरेट लैब-ग्रोन डायमंड का उत्पादन किया, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 63% था। यह उत्पादन 2023 की तुलना में 144.44% अधिक बताया गया है।
हालांकि यहां एक जरूरी अंतर समझना जरूरी है—ज्वेलरी-ग्रेड लैब-ग्रोन डायमंड और इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाला औद्योगिक/CVD डायमंड एक ही उत्पादन श्रेणी नहीं हैं। AI चिप कूलिंग के लिए उच्च गुणवत्ता और नियंत्रित गुणों वाली डायमंड फिल्म या हीट-स्प्रेडर सामग्री की जरूरत होती है।
ज्वेलरी से आगे हाईटेक इंडस्ट्री तक पहुंचा डायमंड
सिंथेटिक डायमंड का औद्योगिक इस्तेमाल नया नहीं है। चीन में सिंथेटिक डायमंड का बड़ा हिस्सा औद्योगिक ग्रेड में तैयार किया जाता रहा है। 2026 में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, चीन में औद्योगिक सिंथेटिक डायमंड उद्योग का उत्पादन पिछले दो दशकों में कई गुना बढ़ा है और 2022 तक सिंगल-क्रिस्टल डायमंड का उत्पादन 16.3 अरब कैरेट तक पहुंच गया था।
अब इसी सामग्री के बेहतर रूपों को हाई-पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और थर्मल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल करने पर काम हो रहा है।
AI के अलावा पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में भी उपयोग
डायमंड की उच्च तापीय चालकता इसे केवल AI चिप्स तक सीमित नहीं रखती। हाई-पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, RF डिवाइस और अन्य गर्मी पैदा करने वाले सेमीकंडक्टर सिस्टम में भी डायमंड हीट स्प्रेडर पर शोध हो रहा है। 2025 में प्रकाशित एक अध्ययन में CVD डायमंड की पतली फिल्मों को सेमीकंडक्टर के बैक-एंड-ऑफ-लाइन स्ट्रक्चर में हीट स्प्रेडर के रूप में इस्तेमाल करने की तकनीक पर काम किया गया।
इसके अलावा, औद्योगिक डायमंड का इस्तेमाल पहले से ही कटिंग, ग्राइंडिंग और पॉलिशिंग जैसे कामों में बड़े पैमाने पर होता है। चीन के हेनान प्रांत का झेचेंग क्षेत्र सिंथेटिक डायमंड उद्योग का बड़ा केंद्र बन चुका है। China Daily के अनुसार, 2023 में चीन ने दुनिया के 70% से अधिक सिंथेटिक डायमंड का उत्पादन किया था।
सबसे बड़ी चुनौती लागत और बड़े पैमाने पर एकीकरण
डायमंड की थर्मल क्षमता बेहद मजबूत होने के बावजूद इसे हर AI चिप में इस्तेमाल करना अभी आसान नहीं है। उच्च गुणवत्ता वाले डायमंड की नियंत्रित ग्रोथ, उसे बेहद पतली और समान परत में तैयार करना, चिप से जोड़ना और इंटरफेस पर थर्मल रेजिस्टेंस कम रखना तकनीकी चुनौतियां हैं।
यही वजह है कि फिलहाल डायमंड को AI चिप कूलिंग की संभावित अगली तकनीक के रूप में देखना ज्यादा सही है, न कि मौजूदा कूलिंग सिस्टम के तत्काल विकल्प के तौर पर। शोध से इसके फायदे के मजबूत संकेत मिले हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए लागत और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कई बाधाएं अभी बाकी हैं।
भविष्य में क्या बदलेगा?
AI मॉडल और डेटा सेंटर लगातार अधिक शक्तिशाली प्रोसेसर की ओर बढ़ रहे हैं। जैसे-जैसे चिप्स की कंप्यूटिंग क्षमता और पावर डेंसिटी बढ़ेगी, गर्मी को तेजी से बाहर निकालने की जरूरत भी बढ़ेगी। ऐसे में डायमंड जैसी उच्च-तापीय-चालकता वाली सामग्री भविष्य के चिप पैकेजिंग और कूलिंग सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिलहाल सबसे मजबूत वैज्ञानिक आधार यही है कि लैब-ग्रोन डायमंड प्रभावी हीट-स्प्रेडिंग सामग्री हो सकता है और प्रयोगों में तापमान घटाने की क्षमता दिखाई गई है। चीन का विशाल सिंथेटिक डायमंड उत्पादन इस तकनीक को बड़े पैमाने पर विकसित करने के लिए औद्योगिक आधार जरूर देता है, लेकिन AI चिप्स में इसका व्यापक व्यावसायिक इस्तेमाल अभी विकास और परीक्षण के चरण में है।
news desk MPcg