झारखंड विधानसभा के पास छात्रों का बवाल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

झारखंड विधानसभा के पास छात्रों का बवाल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र, हजारों ने किया विधानसभा मार्च

रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। आंदोलन के 17वें दिन बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए राजधानी की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

हजारों की संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे। यहां से छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। प्रशासन ने पहले से ही विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी। बैरिकेडिंग के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

विधानसभा की ओर बढ़े हजारों छात्र

छात्रों का जत्था विधानसभा की ओर बढ़ता गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और प्रदर्शनकारी अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे।

खेतों के रास्ते आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

पुलिस की बैरिकेडिंग से बचने के लिए कई छात्र आसपास के खेतों और दूसरे रास्तों से विधानसभा की तरफ जाने की कोशिश करते दिखाई दिए। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।

विधानसभा के आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। प्रशासन की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्र तक न पहुंच सकें।

17 दिन से चल रहा है आंदोलन

JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन पिछले 17 दिनों से चल रहा है। छात्र लगातार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों का स्पष्ट समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी मांग को लेकर छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था।

रविवार की बातचीत भी नहीं बनी बात

विधानसभा घेराव से एक दिन पहले रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई थी। दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।

बातचीत बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा मार्च करने का फैसला किया। इसके बाद प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया।

JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग

छात्रों की सबसे प्रमुख मांग JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि ऐसे में परीक्षा के परिणाम और पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

छात्र चाहते हैं कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा कराई जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

CBI जांच की मांग क्यों?

छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराने की मांग भी उठाई है। उनका तर्क है कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

छात्रों का कहना है कि अगर किसी स्तर पर पेपर लीक, अनियमितता या परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

विधानसभा के 750 मीटर दायरे में प्रतिबंध

छात्रों के विधानसभा घेराव के ऐलान को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने नव-निर्मित विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में BNSS की धारा 163 लागू की है।

धारा 163 के तहत किसी क्षेत्र में लोगों के जमावड़े और कुछ गतिविधियों पर प्रशासन प्रतिबंध लगा सकता है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी संभावित टकराव या अप्रिय स्थिति को रोकना है।

सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात

प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।

प्रशासन की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करें। दूसरी ओर छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश करते रहे।

छात्रों का कहना- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल बातचीत से मामला खत्म नहीं होगा। जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ता है।

सरकार के सामने दोहरी चुनौती

एक तरफ सरकार के सामने छात्रों की मांगों का समाधान निकालने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ विधानसभा के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।

रविवार की बातचीत विफल रहने और सोमवार को लाठीचार्ज की स्थिति बनने के बाद अब सरकार और छात्रों के बीच आगे की बातचीत पर नजर रहेगी। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है।

आगे क्या होगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार छात्रों की परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर क्या फैसला लेती है। छात्रों की मांगों पर सरकार का रुख साफ होने के बाद ही आंदोलन की अगली दिशा तय होगी।

फिलहाल रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और विधानसभा के आसपास पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद यह मुद्दा झारखंड की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।