सावन सोमवार को राशि के अनुसार कौन सा रुद्राक्ष पहनें? जानिए 12 राशियों के लिए शुभ मुखी रुद्राक्ष और धारण करने की मान्यता
12 अगस्त 2026। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान देशभर में शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। सावन के सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पित करने और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने की परंपरा है। इसी के साथ भगवान शिव से जुड़े रुद्राक्ष को धारण करने का भी विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष को भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न माना जाता है। यही वजह है कि इसे शिव भक्तों के लिए पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
वहीं ज्योतिषीय परंपराओं में अलग-अलग मुखी रुद्राक्ष को अलग-अलग ग्रहों, देवताओं और ऊर्जा से जोड़ा गया है। इसी आधार पर राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इन मान्यताओं के लाभ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं।
क्या है मुखी रुद्राक्ष?
रुद्राक्ष की सतह पर बनी प्राकृतिक धारियों या रेखाओं को ‘मुख’ कहा जाता है। इनकी संख्या के आधार पर रुद्राक्ष को एक मुखी, दो मुखी, तीन मुखी और इसी तरह आगे के मुखी रुद्राक्ष के नाम से जाना जाता है।
धार्मिक मान्यता में प्रत्येक मुखी रुद्राक्ष का अलग महत्व बताया गया है। कुछ रुद्राक्षों को विशेष देवताओं का स्वरूप माना जाता है, जबकि कुछ का संबंध ग्रहों से जोड़ा जाता है।
इसी वजह से ज्योतिष में व्यक्ति की राशि और जन्म कुंडली के आधार पर रुद्राक्ष चुनने की परंपरा है।
12 राशियों के लिए कौन सा रुद्राक्ष शुभ?
1. मेष राशि – तीन मुखी रुद्राक्ष
मेष राशि के जातकों के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता में तीन मुखी रुद्राक्ष को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है।
मान्यता है कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास और ऊर्जा से संबंधित है। इसे धारण करने से नकारात्मक विचारों से छुटकारा और मानसिक मजबूती मिलने की बात कही जाती है।
सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा के बाद इसे धारण करना शुभ माना जाता है।
2. वृषभ राशि – छह मुखी रुद्राक्ष
वृषभ राशि के जातकों के लिए छह मुखी रुद्राक्ष को शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता में इसका संबंध शुक्र ग्रह से बताया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार छह मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति में आत्मविश्वास और संतुलन बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
इसे विशेष रूप से मानसिक एकाग्रता और सकारात्मक सोच से भी जोड़ा जाता है।
3. मिथुन राशि – चार मुखी रुद्राक्ष
मिथुन राशि के लिए चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने की मान्यता है। चार मुखी रुद्राक्ष का संबंध भगवान ब्रह्मा से बताया जाता है।
मान्यता के अनुसार यह ज्ञान, बुद्धि और एकाग्रता से जुड़ा है। पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और मानसिक कार्य करने वालों के लिए भी इसे उपयोगी माना जाता है।
4. कर्क राशि – दो मुखी रुद्राक्ष
कर्क राशि के जातकों के लिए दो मुखी रुद्राक्ष को शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता में दो मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप अर्धनारीश्वर से जोड़ा जाता है।
इसे मन की शांति, भावनात्मक संतुलन और रिश्तों में सामंजस्य से संबंधित माना जाता है।
5. सिंह राशि – एक मुखी रुद्राक्ष
सिंह राशि के जातकों के लिए एक मुखी रुद्राक्ष को विशेष माना जाता है। इसे भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है।
एक मुखी रुद्राक्ष को लेकर धार्मिक मान्यताएं काफी प्रचलित हैं और इसे दुर्लभ भी माना जाता है। हालांकि, बाजार में नकली एक मुखी रुद्राक्ष मिलने की संभावना को देखते हुए इसकी प्रामाणिकता की जांच बेहद जरूरी है।
6. कन्या राशि – चार मुखी रुद्राक्ष
कन्या राशि के जातकों के लिए चार मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है। इसे ज्ञान, बुद्धि और एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह मानसिक क्षमता और सीखने की क्षमता से जुड़ा हुआ है।
7. तुला राशि – छह मुखी रुद्राक्ष
तुला राशि के लिए छह मुखी रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है। इसका संबंध शुक्र ग्रह से बताया जाता है।
मान्यता है कि यह व्यक्ति में संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है।
8. वृश्चिक राशि – तीन मुखी रुद्राक्ष
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे अग्नि और ऊर्जा से संबंधित माना जाता है। इसे धारण करने से व्यक्ति के आत्मबल में वृद्धि और नकारात्मकता से मुक्ति मिलने की बात कही जाती है।
9. धनु राशि – पांच मुखी रुद्राक्ष
धनु राशि के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है। पांच मुखी रुद्राक्ष सबसे आम और आसानी से उपलब्ध रुद्राक्षों में से एक है।
इसे भगवान कालाग्नि रुद्र से संबंधित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह मानसिक शांति, आध्यात्मिक विकास और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा हुआ है।
10. मकर राशि – सात मुखी रुद्राक्ष
मकर राशि के जातकों के लिए सात मुखी रुद्राक्ष को शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय परंपरा में इसका संबंध शनि ग्रह से जोड़ा जाता है।
मान्यता के अनुसार इसे शनि से संबंधित परेशानियों और नकारात्मक प्रभावों से बचाव के लिए धारण किया जाता है।
11. कुंभ राशि – सात मुखी रुद्राक्ष
कुंभ राशि के लिए भी सात मुखी रुद्राक्ष शुभ माना जाता है। इसका संबंध शनि ग्रह से बताया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह मानसिक स्थिरता, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक संतुलन से जुड़ा है।
12. मीन राशि – पांच मुखी रुद्राक्ष
मीन राशि के जातकों के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है।
इसे आध्यात्मिक उन्नति, मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। सावन सोमवार के दिन शिव पूजा के बाद इसे धारण करने की धार्मिक परंपरा बताई जाती है।
सावन सोमवार को रुद्राक्ष पहनना क्यों माना जाता है शुभ?
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान रुद्राक्ष का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में इसे शिव से जुड़ा हुआ माना गया है।
कई शिव भक्त सावन में रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हैं। कुछ लोग रुद्राक्ष की माला गले में धारण करते हैं, जबकि कुछ इसे हाथ या बाजू में पहनते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन सोमवार को शिव पूजा के बाद रुद्राक्ष धारण करने से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त हो सकता है।
रुद्राक्ष धारण करने की सामान्य धार्मिक विधि
सावन सोमवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनने की परंपरा है। इसके बाद भगवान शिव की पूजा की जाती है।
रुद्राक्ष को साफ पानी से धोकर या गंगाजल से शुद्ध करने के बाद शिवलिंग के सामने रखा जा सकता है। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप किया जाता है।
इसके बाद रुद्राक्ष को धारण करने की परंपरा है। अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में इसकी विधि अलग हो सकती है।
क्या हर व्यक्ति को राशि के अनुसार ही रुद्राक्ष पहनना चाहिए?
यह जरूरी नहीं है। राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने की जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। कई ज्योतिषी व्यक्ति की केवल राशि नहीं, बल्कि उसकी पूरी जन्म कुंडली, ग्रहों की स्थिति और दशा देखकर रुद्राक्ष की सलाह देते हैं।
इसलिए यदि कोई व्यक्ति विशेष उद्देश्य से रुद्राक्ष धारण करना चाहता है, तो किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से अपनी कुंडली के आधार पर सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
रुद्राक्ष खरीदते समय सावधानी जरूरी
रुद्राक्ष की लोकप्रियता बढ़ने के साथ बाजार में नकली रुद्राक्ष भी मिलने की संभावना रहती है। खासकर दुर्लभ मुखी रुद्राक्ष खरीदते समय उसकी प्रामाणिकता को लेकर सावधान रहना चाहिए।
खरीदते समय विश्वसनीय विक्रेता से प्रमाणित रुद्राक्ष लेना बेहतर है। केवल महंगा होने को असली होने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
क्या रुद्राक्ष से ग्रह दोष खत्म हो जाते हैं?
ज्योतिषीय मान्यताओं में अलग-अलग रुद्राक्ष को ग्रहों से जोड़कर ग्रह दोषों के प्रभाव को कम करने की बातें कही जाती हैं। लेकिन यह धार्मिक और ज्योतिषीय विश्वास है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं।
इसी तरह रुद्राक्ष को किसी बीमारी का इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
एक नजर में 12 राशियां और रुद्राक्ष
राशि शुभ माना जाने वाला रुद्राक्ष
मेष= 3 मुखी
वृषभ= 6 मुखी
मिथुन= 4 मुखी
कर्क= 2 मुखी
सिंह= 1 मुखी
कन्या= 4 मुखी
तुला= 6 मुखी
वृश्चिक= 3 मुखी
धनु=5 मुखी
मकर 7 मुखी
कुंभ 7 मुखी
मीन 5 मुखी
आखिर में सबसे जरूरी बात
सावन सोमवार पर रुद्राक्ष धारण करना भगवान शिव के भक्तों के बीच आस्था और धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। राशि के अनुसार मुखी रुद्राक्ष चुनने की मान्यता ज्योतिष पर आधारित है। यदि आप रुद्राक्ष पहनना चाहते हैं तो श्रद्धा के साथ-साथ उसकी प्रामाणिकता और सही तरीके से धारण करने पर ध्यान दें।
news desk MPcg